शेयर बाजार के निवेशकों की नींद उड़ाई! फिनटेक प्लेटफॉर्म स्टॉकल पर मंडराया करोड़ों के फर्जीवाड़े का साया, परिवार सदमे में
शेयर बाजार में निवेश करने वाले लोगों के लिए एक ऑनलाइन मंच से जुड़ा कथित धोखाधड़ी का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। बेंगलुरु की फिनटेक कंपनी स्टॉकल सिक्योरिटीज से जुड़े कथित अनधिकृत कारोबार में अब एक और निवेशक के परिवार ने करीब 1 मिलियन डॉलर यानी लगभग 8.8 करोड़ रुपये के नुकसान का दावा किया है। पीड़ित निवेशक के भाई का कहना है कि इस घटना के बाद से उनका भाई मानसिक रूप से परेशान है और परिवार उसकी सेहत को लेकर चिंतित है। परिवार अब नुकसान की भरपाई और राहत पाने के लिए आगे के कदमों पर विचार कर रहा है।
स्टॉकल सिक्योरिटीज बेंगलुरु स्थित एक भारतीय वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनी है, जो सेबी में रजिस्टर है। यह मंच भारतीय निवेशकों को अमेरिकी कंपनियों के शेयर, एक्सचेंज ट्रेडेड फंड और दूसरे विदेशी निवेश विकल्पों में कारोबार की सुविधा देता है। इसके लिए कंपनी अमेरिकी ब्रोकरेज और संपत्ति सुरक्षित रखने वाली संस्थाओं के साथ काम करती है। इनमें ड्राइववेल्थ एलएलसी भी शामिल है।
गौरलतबल है कि 3 नवंबर को मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट में बताया गया था कि स्टॉकल से जुड़े कथित अनधिकृत शेयर कारोबार के कारण करीब 30 खुदरा निवेशकों को 100 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। निवेशकों का आरोप है कि 15 अक्टूबर को उनके खातों तक बिना अनुमति पहुंच बनाई गई और अमेरिकी कंपनियों में रखे उनके शेयर बेच दिए गए।
इनमें से कई निवेशकों को स्टॉकल से एचडीएफसी सिक्योरिटीज के जरिए जोड़ा गया था। दोनों कंपनियों ने 2019 में वैश्विक निवेश की सुविधा देने के लिए ग्लोबलइन्वेस्टिंग डॉट इन की शुरुआत की थी। हालांकि, दोनों के बीच यह कारोबारी साझेदारी जुलाई 2024 में समाप्त हो गई थी। पीड़ित निवेशक के भाई ने कहा कि उनके परिवार का स्टॉकल से परिचय एचडीएफसी सिक्योरिटीज के जरिए नहीं हुआ था, लेकिन कंपनी के स्टॉकल में निवेशक होने के कारण इस मंच पर लोगों का भरोसा बढ़ा था।
मामले में प्रभावित निवेशकों में शामिल एक बड़ी पेय पदार्थ कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उनके खाते से एप्पल, टेस्ला, अमेजन, अल्फाबेट, एनवीडिया और एएमडी समेत 10 प्रमुख अमेरिकी कंपनियों के शेयर बिना अनुमति बेच दिए गए। इनकी कुल बिक्री 335,768 डॉलर में हुई। इसके बाद पूरी रकम से चीन की कंपनी झिबाओ टेक्नोलॉजी इंक के 300,000 शेयर खरीदे गए। यह खरीद औसतन 1.05 डॉलर प्रति शेयर की दर से हुई। कुछ ही दिनों में इस शेयर का भाव करीब 60 प्रतिशत गिरकर 23 अक्टूबर को 0.42 डॉलर पर बंद हुआ।
इस बीच, स्टॉकल के ब्रांड नाम से काम करने वाली कंपनी बॉर्डरलेस इन्वेस्टिंग ने 4 नवंबर को बयान जारी कर कहा कि उसकी शुरुआती जांच में मंच या उसके आंतरिक तकनीकी ढांचे में सेंधमारी का कोई सबूत नहीं मिला है। कंपनी ने जांच के लिए स्वतंत्र साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों को भी नियुक्त किया है। उसका मानना है कि प्रभावित खाताधारक किसी दूसरी कंपनी के आंकड़े चोरी होने के बाद हुए सोशल इंजीनियरिंग हमले का शिकार हो सकते हैं, हालांकि इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है।
कंपनी के मुताबिक, 16 अक्टूबर को उसके अमेरिकी ब्रोकरेज और संपत्ति संरक्षण साझेदार ड्राइववेल्थ ने 13 ग्राहकों के खातों में अनधिकृत कारोबार की सूचना दी थी। जांच में कुल 26 खातों तक वैध लॉगिन जानकारी के जरिए पहुंच बनाए जाने की आशंका जताई गई है। इनमें से 13 खातों में बड़े अमेरिकी शेयर बेचकर कम कारोबार वाले छोटे शेयर खरीदे गए। कंपनी का दावा है कि अब तक की जांच में किसी खाते से रकम निकाले जाने की जानकारी नहीं मिली है।
बॉर्डरलेस इन्वेस्टिंग ने इस घटना के लिए अपनी जिम्मेदारी, लापरवाही या किसी गलत काम से जुड़े आरोपों से भी इनकार किया है। कंपनी का कहना है कि जांच पूरी होने और सभी पक्षों की जिम्मेदारी स्पष्ट होने तक वह प्रभावित ग्राहकों की मदद करती रहेगी। फिलहाल निवेशकों के नुकसान, खातों तक पहुंच और कथित अनधिकृत कारोबार को लेकर जांच जारी है।
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