यूपीआई का बदलता चेहरा: छोटे भुगतान से लेकर बड़े लेन-देन तक, अब सब मुमकिन!
डिजिटल भुगतान की दुनिया में क्रांति लाने वाला यूपीआई (UPI) अब आपको बड़े लेन-देन की सुविधा भी देने लगा है। अगर आप यूपीआई का इस्तेमाल करते हैं, तो आपके लिए एक बड़ी खबर है! अब छोटे-मोटे भुगतान तक सीमित यूपीआई, बड़ी रकम के हस्तांतरण में भी सक्षम हो गया है। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) ने यूपीआई से जुड़े कई अहम बदलावों को लागू किया है, जो सिर्फ लेनदेन की सीमा ही नहीं बढ़ाते, बल्कि ऑटो-डेबिट और सुरक्षा जैसे पहलुओं को भी मजबूत करते हैं। इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य डिजिटल भुगतानों को पहले से कहीं अधिक तेज, सुगम और सुरक्षित बनाना है। आइए, विस्तार से जानें कि एनपीसीआई ने यूपीआई के नियमों में क्या फेरबदल किए हैं:
15 सितंबर से लागू हुए नए नियम: बड़े भुगतान का खुला पिटारा
नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने 15 सितंबर 2025 से एक महत्वपूर्ण बदलाव को अमली जामा पहनाया है। इस नए नियम के तहत, अब बीमा प्रीमियम, शेयर बाजार में निवेश, लोन की ईएमआई और यात्रा बुकिंग जैसे विशिष्ट भुगतानों के लिए प्रति दिन 10 लाख रुपये तक की राशि का भुगतान यूपीआई के माध्यम से किया जा सकता है।
व्यापारी भुगतान (P2M) पर लागू होगी नई सीमा
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि यह नई, बढ़ी हुई सीमा मुख्य रूप से व्यापारी या संस्थाओं को किए गए भुगतानों (Person to Merchant: P2M) पर लागू होती है। इसका मतलब है कि जब आप किसी दुकान, कंपनी या संस्था को यूपीआई से भुगतान करेंगे, तो अब आप 10 लाख रुपये तक की राशि भेज पाएंगे। हालांकि, व्यक्ति से व्यक्ति (Person to Person: P2P) होने वाले भुगतानों के लिए दैनिक सीमा पहले की तरह 1 लाख रुपये ही बनी रहेगी, इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।
एनपीसीआई ने स्पष्ट किया है कि यह बढ़ी हुई सीमा केवल मर्चेंट भुगतानों (P2M) के लिए है, जबकि पी2पी भुगतानों पर पुरानी सीमा ही लागू होगी। हालांकि, यह बैंकों के विवेक पर निर्भर करता है कि वे चाहें तो अपने ग्राहकों के लिए इससे कम सीमा निर्धारित कर सकते हैं।
बीमा प्रीमियम और निवेश: 5 लाख तक का भुगतान संभव
पहले जहां बीमा प्रीमियम और पूंजी बाजार में निवेश के लिए अधिकतम 2 लाख रुपये का भुगतान संभव था, अब इसे बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, यूपीआई के माध्यम से प्रति दिन कुल 10 लाख रुपये तक का भुगतान किया जा सकता है, लेकिन यह सुविधा केवल निर्दिष्ट मर्चेंट भुगतानों तक ही सीमित है।
कुल मिलाकर, यूपीआई के माध्यम से भुगतान की सीमा में विभिन्न क्षेत्रों में वृद्धि की गई है। 15 सितंबर 2025, सोमवार से लागू हुए इन नए बदलावों से अब लोगों को अपनी आवश्यकतानुसार बड़े लेन-देन करने में आसानी होगी, जो पहले कुछ विशिष्ट कामों के लिए मुश्किल था।
यात्रा टिकट बुकिंग: 5 लाख तक का भुगतान, अब सफर हुआ आसान
यात्रा के लिए टिकट बुक करने या ट्रैवल एजेंसियों को भुगतान करने के मामले में भी यूपीआई अब 5 लाख रुपये तक की सुविधा प्रदान करता है, जबकि पहले यह सीमा केवल 1 लाख रुपये थी। इसी प्रकार, सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GEM) पर टैक्स या अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट (EMD) जमा करने के लिए अब प्रति लेन-देन 5 लाख रुपये और प्रतिदिन 10 लाख रुपये तक का भुगतान संभव है।
लोन ईएमआई और क्रेडिट कार्ड बिल: बढ़ी हुई सुविधा
लोन की किश्त (ईएमआई) या कर्ज से जुड़े अन्य भुगतानों के लिए अब आप एक बार में 5 लाख रुपये और एक दिन में 10 लाख रुपये तक का यूपीआई से भुगतान कर सकते हैं। वहीं, क्रेडिट कार्ड बिल चुकाने के लिए अब एक बार में 5 लाख रुपये और रोजाना 6 लाख रुपये तक का भुगतान यूपीआई के जरिए किया जा सकता है।
ज्वेलरी खरीद और एफडी: 2 लाख तक ज्वेलरी, 5 लाख तक फिक्स्ड डिपॉजिट
ज्वेलरी की खरीददारी के मामले में भी एक बड़ा बदलाव आया है। पहले इसकी सीमा 1 लाख रुपये थी, जिसे अब बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दिया गया है, हालांकि, दैनिक भुगतान की अधिकतम सीमा 6 लाख रुपये ही रहेगी। बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट (टर्म डिपॉजिट) करने के लिए भी अब 5 लाख रुपये तक की राशि यूपीआई के माध्यम से ट्रांसफर की जा सकती है। इतना ही नहीं, अब विदेशी मुद्रा में भी 5 लाख रुपये तक का भुगतान संभव है।
रिपोर्ट: योगेश चाहर
(अस्वीकरण: शेयर बाजार से संबंधित किसी भी खरीद-बिक्री के लिए अवेयर मीडिया न्यूज़ कोई सुझाव नहीं देता है। हम बाजार से जुड़े विश्लेषण मार्केट एक्सपर्ट्स और ब्रोकिंग कंपनियों के हवाले से प्रकाशित करते हैं। लेकिन प्रमाणित विशेषज्ञों से परामर्श के बाद ही बाजार से जुड़े निर्णय करें।)
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