विशाखापत्तनम: भारत का AI महाशक्ति बनने का प्रवेश द्वार, गूगल, एयरटेल और अडानी का मेगा गठजोड़!
भारत के प्रौद्योगिकी परिदृश्य में एक अभूतपूर्व कदम उठाते हुए, अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड, अल्फाबेट इंक की गूगल और भारती एयरटेल लिमिटेड ने विशाखापत्तनम को देश के सबसे बड़े AI डेटा सेंटर के केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए हाथ मिलाया है। यह महत्वाकांक्षी परियोजना न केवल देश की डिजिटल महत्वाकांक्षाओं को नई ऊंचाइयां देगी, बल्कि आंध्र प्रदेश को एक वैश्विक प्रौद्योगिकी गंतव्य के रूप में भी स्थापित करेगी।
एक विशाल बुनियादी ढांचा, एक साझा दृष्टिकोण:
इस सहयोगात्मक प्रयास में, अदानी समूह का डेटा सेंटर संयुक्त उद्यम, अदानी कॉनेक्स, अमेरिका स्थित एज कॉनेक्स के साथ मिलकर, विजाग में गूगल के AI हब के लिए अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे का निर्माण करेगा। इसमें एक नया अंतरराष्ट्रीय सबसी गेटवे भी शामिल होगा, जो वैश्विक कनेक्टिविटी को सुनिश्चित करेगा। इस संयुक्त निवेश के दायरे में आंध्र प्रदेश में नई पारेषण लाइनों का विकास, नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं का विस्तार और उन्नत ऊर्जा भंडारण प्रणालियों की स्थापना भी शामिल है, जो इसे एक स्थायी और भविष्य-उन्मुख पहल बनाती है।
गौतम अडानी का दूरदर्शी बयान:
अडानी समूह के अध्यक्ष गौतम अडानी ने इस परियोजना पर उत्साह व्यक्त करते हुए कहा, “यह केवल बुनियादी ढाँचे में निवेश से कहीं बढ़कर है। यह एक उभरते राष्ट्र की आत्मा में निवेश है।” उन्होंने आगे कहा, “विशाखापत्तनम अब प्रौद्योगिकी के लिए एक वैश्विक गंतव्य बनने के लिए तैयार है और हम इस ऐतिहासिक यात्रा के वास्तुकार बनकर रोमांचित हैं।”
गूगल का भारत पर सबसे बड़ा दांव:
गूगल का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में विशाखापत्तनम में AI हब को विकसित करने के लिए लगभग 15 बिलियन डॉलर का भारी निवेश करना है। यह एक अरब से अधिक इंटरनेट उपयोगकर्ताओं वाले देश पर गूगल का सबसे बड़ा दांव है, जो भारत की असीम क्षमता में उसके दृढ़ विश्वास को दर्शाता है। इस AI हब में एक अत्याधुनिक डेटा सेंटर शामिल होगा जो नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से संचालित होगा, और इसे एक मजबूत फाइबर-ऑप्टिक नेटवर्क द्वारा पूरक किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को साकार करने के लिए गूगल, अदानी कॉनेक्स और भारती एयरटेल मिलकर काम कर रहे हैं।
आंध्र प्रदेश की AI क्रांति:
यह योजना आंध्र प्रदेश सरकार के स्थानीय स्तर पर AI अवसंरचना निर्माण के प्रयासों के साथ पूरी तरह से संरेखित है। प्रौद्योगिकी मंत्री नारा लोकेश ने ब्लूमबर्ग न्यूज़ को बताया कि राज्य सरकार का लक्ष्य 2029 तक 6 गीगावाट डेटा-सेंटर क्षमता स्थापित करना है। यह पहल भारत को AI के क्षेत्र में एक वैश्विक पावरहाउस बनाने के प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप है।
भारत: AI बूम का प्रमुख लाभार्थी:
गूगल, भारत में निवेश करने वाली प्रमुख अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनियों में से एक है, जो AI क्रांति के वैश्विक विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यह निवेश न केवल भारत के प्रौद्योगिकी क्षेत्र को मजबूत करेगा, बल्कि देश भर में नवाचार और आर्थिक विकास को भी बढ़ावा देगा। विशाखापत्तनम, इस परिवर्तनकारी यात्रा का केंद्र बनकर, निश्चित रूप से भारत के डिजिटल भविष्य को आकार देने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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