वोडाफोन आइडिया की एजीआर बकाए पर सुनवाई 13 अक्टूबर तक स्थगित, दिवाली से पहले समाधान की उम्मीद
नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने दूरसंचार क्षेत्र की दिग्गज कंपनी वोडाफोन आइडिया लिमिटेड (वीआईएल) की उस याचिका पर सुनवाई 13 अक्टूबर तक के लिए टाल दी है, जिसमें 2016-17 तक की अवधि के लिए अतिरिक्त समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) से जुड़ी मांगों को रद्द करने का अनुरोध किया गया है। प्रधान न्यायाधीश बी. आर. गवई और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की पीठ के समक्ष केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुनवाई को अगले सोमवार तक स्थगित करने का आग्रह किया, जिसका वोडाफोन आइडिया के वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने समर्थन किया। रोहतगी ने पीठ से आग्रह किया कि दिवाली की छुट्टियों से पहले इस महत्वपूर्ण याचिका पर सुनवाई पूरी कर ली जाए।
दरअसल, वीआईएल ने दूरसंचार विभाग द्वारा वित्त वर्ष 2016-17 के लिए जारी 5,606 करोड़ रुपये की मांग के खिलाफ शीर्ष अदालत में एक नई याचिका दायर की है। इससे पहले, छह अक्टूबर को सुनवाई टाल दी गई थी।
केंद्र सरकार की ओर से पेश विधि अधिकारी ने न्यायालय को सूचित किया कि कंपनी के साथ समाधान निकालने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने बताया कि सरकार के पास वोडाफोन आइडिया में करीब 50 प्रतिशत शेयर हैं, जिससे कंपनी के अस्तित्व से उसका सीधा जुड़ाव है। उन्होंने न्यायालय के अनुमोदन के अधीन किसी समाधान तक पहुंचने के लिए अगले सप्ताह सुनवाई की मांग की, ताकि उन्हें समाधान निकालने के लिए पर्याप्त समय मिल सके।
यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी साल की शुरुआत में, शीर्ष अदालत ने भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया जैसी प्रमुख दूरसंचार कंपनियों को एक बड़ा झटका देते हुए, अपने 2021 के आदेश की समीक्षा करने से इनकार कर दिया था। साथ ही, उनके द्वारा देय एजीआर बकाया की गणना में कथित त्रुटियों को सुधारने की उनकी याचिकाओं को भी खारिज कर दिया गया था। अब देखना होगा कि 13 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई में इस मामले पर क्या प्रगति होती है।
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