झारखंड के आदिवासी विद्यार्थियों के लिए खुशखबरी: अब IIT और AIIMS की राह होगी आसान!
झारखंड सरकार ने अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। अब कोटा के प्रतिष्ठित मोशन एजुकेशन संस्थान के साथ मिलकर, राज्य के मेधावी छात्रों को मेडिकल (NEET) और इंजीनियरिंग (JEE) जैसी कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए नि:शुल्क कोचिंग की सुविधा यहीं, अपने राज्य में ही उपलब्ध कराई जाएगी। रांची के हिंदपीढ़ी में स्थित कल्याण विभाग के भवन में इस कोचिंग का संचालन होगा।
पहला चरण: 300 मेधावी विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ
इस महत्वपूर्ण योजना के संचालन और देखरेख की ज़िम्मेदारी अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग को सौंपी गई है। विभाग ने हाल ही में कोचिंग संस्थान को कार्य आदेश जारी कर दिया है। शुरुआती तौर पर, इस योजना का लाभ राज्य के लगभग 300 विद्यार्थियों को मिलेगा, जिनका चयन उनकी शैक्षणिक योग्यता और सरकार द्वारा निर्धारित मापदंडों के आधार पर किया जाएगा।
IIT और AIIMS में पढ़ने का सपना होगा साकार
कल्याण मंत्री चमरा लिंडा ने इस पहल पर प्रकाश डालते हुए कहा, “हमारे विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर अवसर और मंच उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। हम चाहते हैं कि झारखंड के बच्चे भी IIT, AIIMS और अन्य प्रतिष्ठित राष्ट्रीय संस्थानों में पढ़ाई करें। इसके लिए उन्हें आवश्यक संसाधन और एक अनुकूल वातावरण प्रदान करना हमारी ज़िम्मेदारी है।”
संसाधनों की कमी अब नहीं बनेगी रुकावट
मंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि कई प्रतिभाशाली छात्र आज भी संसाधनों की कमी और उचित मार्गदर्शन न मिलने के कारण पीछे रह जाते हैं। उन्होंने कहा, “सरकार का यह प्रयास है कि झारखंड का कोई भी गरीब विद्यार्थी नौकरी की तलाश में हताश होकर न लौटे, बल्कि कुछ बनकर, आत्मविश्वास के साथ अपने भविष्य का निर्माण करे। यह पहल हमारे युवाओं को एक नई दिशा और ऊर्जा प्रदान करेगी।”
मंत्री ने सुविधाओं का लिया जायजा
चमरा लिंडा ने कल्याण आयुक्त कुलदीप चौधरी के साथ छात्रावास, पुस्तकालय और भोजनालय का भी निरीक्षण किया और सभी आवश्यक सुधारों और सुविधाओं के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार भविष्य में UPSC और सिविल सेवाओं जैसी राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी झारखंड के विद्यार्थियों को दिल्ली भेजने की योजना बना रही है। इस योजना का लाभ पहले चरण में एसटी वर्ग, दूसरे चरण में एससी वर्ग और उसके बाद ओबीसी वर्ग के विद्यार्थियों को मिलेगा।
प्रतिभा को मिलेगा समान अवसर
मंत्री ने दोहराया, “झारखंड सरकार की प्राथमिकता है कि राज्य के प्रत्येक मेधावी विद्यार्थी को अपनी प्रतिभा निखारने का समान अवसर मिले। झारखंड में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, ज़रूरत है उन्हें सही दिशा, अवसर और संसाधन देने की। आज का युग तीव्र प्रतिस्पर्धा का है, और हमें अपने विद्यार्थियों को मजबूत बनाना होगा।”
यह पहल निश्चित रूप से झारखंड के आदिवासी विद्यार्थियों के लिए शिक्षा के क्षेत्र में एक नया सवेरा लाएगी और उनके सपनों को पंख देगी।
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