बिहार में विधान परिषद चुनाव से ठीक पहले वित्तरहित माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों व शिक्षकेत्तर कर्मियों के लिए राहत की खबर सामने आई है। सरकार के निर्देश पर अब अनुदान राशि सीधे बैंक खातों में भेजी जा रही है। लंबे इंतजार के बाद शुरू हुई इस व्यवस्था से हजारों कर्मियों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
RTGS से सीधे बैंक खातों में भुगतान
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने अनुदान राशि के भुगतान की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बुधवार से RTGS के जरिए पात्र शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के बैंक खातों में पैसा भेजा जा रहा है।
BSEB ने इस प्रक्रिया को अगले दो दिनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा है। सीधे खाते में भुगतान होने से बीच की प्रक्रिया कम होगी और कर्मचारियों को राशि मिलने में पहले के मुकाबले आसानी हो सकती है।
पहले प्रबंध समितियों के जरिए मिलता था पैसा
पहले अनुदान की राशि संबंधित स्कूल और कॉलेज की प्रबंध समितियों के खातों में भेजी जाती थी। इसके बाद प्रबंध समिति शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों तक भुगतान करती थी।
इस प्रक्रिया को लेकर कई बार देरी और भुगतान से जुड़ी परेशानियों की शिकायतें सामने आती रही हैं। नई व्यवस्था में सीधे बैंक खाते में राशि भेजे जाने से भुगतान प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी बनाने की कोशिश की गई है।
दस्तावेजों के आधार पर होगा भुगतान
अनुदान का भुगतान स्कूलों की प्रबंध समितियों से मिली सूची और संबंधित जिले के जिला शिक्षा पदाधिकारी यानी DEO द्वारा प्रतिहस्ताक्षरित दस्तावेजों के आधार पर किया जा रहा है।
जिन संस्थानों के जरूरी दस्तावेज अभी BSEB को नहीं मिले हैं उनसे कागजात उपलब्ध कराने को कहा जा रहा है। दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन संस्थानों के पात्र कर्मियों को भी अनुदान राशि भेजी जाएगी।
लंबे इंतजार के बाद मिली राहत
वित्तरहित विद्यालयों के शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मचारी लंबे समय से अनुदान राशि का इंतजार कर रहे थे। इस मुद्दे को लेकर कई मौकों पर आंदोलन भी हुए हैं।
ऐसे में सीधे बैंक खातों में भुगतान की शुरुआत को कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि, जिन संस्थानों की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है उन्हें भुगतान के लिए कुछ और इंतजार करना पड़ सकता है।
23 अक्टूबर को MLC चुनाव
बिहार में विधान परिषद की आठ सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान होना है। इनमें चार शिक्षक और चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। चुनाव परिणाम 27 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे।
वित्तरहित शिक्षण संस्थानों के शिक्षक शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता होते हैं। ऐसे में चुनाव से ठीक पहले अनुदान राशि जारी होने का फैसला राजनीतिक और चुनावी नजरिए से भी चर्चा में है। हालांकि सरकार की ओर से इसे चुनाव से जोड़कर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है।
सीधे खातों में भुगतान शुरू होने से शिक्षकों को तत्काल राहत मिलने की उम्मीद है। अब निगाह इस बात पर रहेगी कि सभी पात्र कर्मियों तक राशि तय समय में पहुंचती है या नहीं।
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