उत्तर प्रदेश के अमेठी में अमेठी वोटर लिस्ट विवाद ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। यहां ग्रामीणों का आरोप है कि मतदाता सूची में करीब 200 ऐसे लोगों के नाम नहीं हैं जो जिंदा हैं और वोट देने का अधिकार रखते हैं। वहीं करीब चार दर्जन ऐसे लोगों के नाम सूची में दर्ज होने की बात कही जा रही है जिनकी मौत हो चुकी है। इस मामले को लेकर गांव के लोगों ने आपस में चंदा जुटाया और न्याय की मांग लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
ग्रामीणों का कहना है कि वोटर लिस्ट में नाम होना हर मतदाता के लिए जरूरी है क्योंकि इसी के आधार पर वह चुनाव में अपना वोट डाल सकता है। अगर किसी जिंदा व्यक्ति का नाम सूची से गायब हो जाए तो उसे मतदान करने में परेशानी हो सकती है। ऐसे में बड़ी संख्या में लोगों के नाम कटने की शिकायत सामने आने से गांव के लोग परेशान हैं।
इस मामले में ग्रामीणों ने मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब जिंदा लोगों के नाम सूची में नहीं मिल रहे हैं तो मृत लोगों के नाम कैसे दर्ज रह गए। ग्रामीण चाहते हैं कि पूरे मामले की ठीक से जांच हो और जिन लोगों के नाम गलत तरीके से हटाए गए हैं उन्हें दोबारा सूची में शामिल किया जाए।
ग्रामीणों के लिए अदालत तक पहुंचना भी आसान नहीं था। बताया जा रहा है कि उन्होंने अपने स्तर पर चंदा इकट्ठा किया ताकि मामले को कानूनी तरीके से उठाया जा सके। इसके बाद हाईकोर्ट में अपनी शिकायत लेकर पहुंचे। अब इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है इस पर लोगों की नजर बनी हुई है।
अमेठी वोटर लिस्ट विवाद ने मतदाता सूची की जांच और उसमें दर्ज नामों की सही स्थिति को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि ग्रामीणों की शिकायतों और लगाए गए आरोपों की आधिकारिक जांच के बाद ही पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी। फिलहाल ग्रामीणों की मांग है कि मतदाता सूची में गड़बड़ी दूर की जाए ताकि किसी भी पात्र मतदाता को अपने मताधिकार से वंचित न रहना पड़े।
Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
