मोकामा में चुनावी हिंसा: जदयू उम्मीदवार अनंत सिंह 14 दिन की न्यायिक हिरासत में, जन सुराज समर्थक की हत्या का आरोप
बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले, मोकामा से जनता दल (यूनाइटेड) के उम्मीदवार और पूर्व विधायक अनंत कुमार सिंह को जन सुराज समर्थक दुलारचंद यादव की हत्या के सिलसिले में गिरफ्तार कर लिया गया है। शनिवार देर रात हुई इस गिरफ्तारी ने प्रदेश की राजनीति में खलबली मचा दी है। सिंह को उनके दो सहयोगियों, मणिकांत ठाकुर और रंजीत राम के साथ पकड़ा गया है। तीनों को पटना के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) के सामने पेश किया गया, जिसके बाद सिंह को दो सप्ताह की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
यह गिरफ्तारी 30 अक्टूबर को मोकामा में हुई उस हिंसक झड़प के बाद हुई है, जिसमें जन सुराज पार्टी के 75 वर्षीय समर्थक दुलारचंद यादव की जान चली गई थी। पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय शर्मा के अनुसार, पुलिस जांच में सामने आया है कि यह हिंसक झड़प, जिसमें पथराव और गोलीबारी शामिल थी, अनंत सिंह की मौजूदगी में हुई थी। शर्मा ने बताया, “साक्ष्यों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर, यह साबित हो गया है कि घटना उम्मीदवार की प्रत्यक्ष निगरानी में हुई थी, और उन्हें मुख्य आरोपी के रूप में गिरफ्तार किया गया है।”
मोकामा, बिहार के राजनीतिक रूप से संवेदनशील निर्वाचन क्षेत्रों में से एक है, जहाँ प्रचार के दौरान हिंसा भड़क उठी। अपनी दबंग छवि के लिए पहचाने जाने वाले सिंह, इस बार जदयू के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। प्रतिद्वंद्वी गुटों के बीच हुई इस झड़प में कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे और एक की मौत हो गई थी। पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ सार्वजनिक व्यवस्था भंग करने और आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज किया है।
इस घटना के बाद, घोसवारी के एसएचओ मधुसूदन कुमार और भदौर के एसएचओ रवि रंजन को भी लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। मामले की जांच अब सीआईडी (CID) को सौंप दी गई है और अन्य संदिग्धों की तलाश में छापेमारी जारी है।
अपनी गिरफ्तारी के बावजूद, अनंत सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश जारी कर अपने निर्वाचन क्षेत्र की जनता के समर्थन का भरोसा जताया है। वीडियो में पुलिस की सुरक्षा में दिख रहे सिंह ने कहा, “सत्यमेव जयते! मुझे मोकामा की जनता पर पूरा भरोसा है। इस बार, मोकामा की जनता ही चुनाव लड़ेगी।” सिंह के इस बयान ने क्षेत्र के राजनीतिक माहौल को और भी गरमा दिया है, जहाँ कई आपराधिक मामले दर्ज होने के बावजूद उनका प्रभाव अभी भी काफी मजबूत माना जाता है।
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