सिंचाई की आस में किसानों का आक्रोश: “पानी नहीं तो वोट नहीं”
फुल्लीडुमर (संवाद सूत्र): पिछले 25 वर्षों से विलासी डेम से निकलने वाली शाखा नहर में पानी की एक बूंद न आने से आक्रोशित सैकड़ों किसानों ने शनिवार को लेटावरन-राजवाड़ा पथ को घंटों जाम कर सरकार और विभाग के खिलाफ अपना रोष व्यक्त किया। फुल्लीडुमर प्रखंड के मोहनपुर, हथिया पाथर, खीरी कोल, लेटावरन, छत्तर, फुल्लीडुमर, माताथान समेत विभिन्न गांवों के किसानों ने “सिंचाई सुविधा नहीं तो वोट नहीं” के नारों से आसमान गूंजा दिया। उन्होंने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों पर घोर लापरवाही का आरोप लगाया।
किसानों ने बताया कि वर्ष 2000 में विलासी डेम से नहर की खुदाई तो की गई, लेकिन आज तक उसमें पानी नहीं आया। सिंचाई विभाग के अधिकारियों से लेकर विधायक और सांसद तक को दर्जनों बार आवेदन देकर गुहार लगाई गई, लेकिन हर बार सिर्फ कोरे आश्वासन मिले, समाधान कभी नहीं।
अपने गुस्से को और बढ़ाते हुए, किसानों ने आगामी विधानसभा चुनाव में फुल्लीडुमर और उत्तरी कोझी पंचायत के किसानों द्वारा सामूहिक रूप से चुनाव बहिष्कार करने का ऐलान किया है। उनका सीधा संदेश है: “पानी नहीं तो वोट नहीं।”
इस मामले में विलासी डेम सिंचाई विभाग के कार्यपालक और कनिष्ठ अभियंताओं से संपर्क साधने की कोशिशें नाकाम रहीं। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सिंचाई व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया गया तो उनका आंदोलन और उग्र होगा।
इस विरोध प्रदर्शन में मंटु राय, सुरेश राय, दशरथ यादव, पप्पू यादव, वैद्यनाथ यादव, देवेंद्र यादव, रंजन मंडल, श्याम मंडल, राजेंद्र राय, पप्पू ठाकुर, राजू मंगल, सुरेंद्र मंडल, आनंदी मंडल, किशोर यादव, गुनेश्वर यादव, अशोक यादव, बाबूलाल यादव, खीरों राय, राजकिशोर राय, अभिषेक सिंह, रविंद्र सिंह, सुगदेव सिंह, नरेश सिंह, पंकज सिंह, रुपेश कुमार सहित कई किसान बड़ी संख्या में शामिल रहे।
अवेयर मीडिया नेटवर्क
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