राज्य में चुनावी सरगर्मी तेज: आज थमेगा इंतज़ार?
पूरा राज्य जिस पल का बेसब्री से इंतज़ार कर रहा है, वह आज दस्तक दे सकता है! बहुप्रतीक्षित स्थानीय निकाय चुनावों की घोषणा की घड़ी नज़दीक आ गई है, और आज दोपहर राज्य चुनाव आयोग की एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस होने जा रही है। इस कॉन्फ्रेंस में नगर पालिकाओं, नगर परिषदों, ज़िला परिषदों और नगर निगमों के चुनावों की तारीखों का ऐलान होने की पूरी संभावना है। राज्य के मुख्य चुनाव आयुक्त, श्री दिनेश वाघमारे, शाम 4 बजे मीडिया से रूबरू होंगे, और उम्मीद है कि इसी मंच से चुनावी बिगुल फूंका जाएगा।
विपक्ष की चिंताएँ और आयोग का रुख
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब विपक्ष ने चुनाव स्थगित करने की मांग उठाई है। विपक्ष का आरोप है कि 1 जुलाई की मतदाता सूची में कथित तौर पर फर्जी और नकली नामों सहित कई अनियमितताएँ पाई गई हैं। इस मुद्दे पर शिवसेना (यूबीटी) ने तो सबूतों के साथ अदालत जाने की मंशा भी जाहिर की है। हालांकि, चुनाव अधिकारियों का कहना है कि एक बार चुनाव की घोषणा हो जाने के बाद, अदालत के लिए इसमें हस्तक्षेप करना जटिल हो सकता है।
एन.सी.पी. नेता के बयान से मचा सियासी पारा
इससे पहले, 3 नवंबर को, एन.सी.पी. के वरिष्ठ नेता दिलीप वाल्से पाटिल ने महाराष्ट्र में लंबे समय से अटके स्थानीय निकायों और नगर निगमों के चुनावों की संभावित तारीखों का अंदाज़ा लगाकर सियासी गलियारों में हलचल मचा दी थी। यह तब हुआ था जब चुनाव आयोग ने अभी तक औपचारिक रूप से कोई घोषणा नहीं की थी। अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा), जो भाजपा के नेतृत्व वाली महायुति सरकार का हिस्सा है, के इस बयान ने राजनीतिक समीकरणों को और दिलचस्प बना दिया। पाटिल ने संकेत दिया था कि जिला परिषदों के चुनाव 15 दिसंबर को और नगर निगमों के चुनाव 15 जनवरी को हो सकते हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने इन लंबित स्थानीय निकाय चुनावों को पूरा करने के लिए 31 जनवरी, 2026 की अंतिम समय सीमा तय की है। वाल्से पाटिल ने एक वायरल वीडियो में कहा था, “मेरी जानकारी के अनुसार, जिला परिषद चुनाव 15 दिसंबर को और नगर निकाय चुनाव 15 जनवरी को हो सकते हैं। स्थानीय निकाय और नगर निकाय चुनावों की पूरी प्रक्रिया 31 जनवरी से पहले पूरी हो जाएगी।”
राज्य का राजनीतिक गरमागरम माहौल
इन चुनावों की घोषणा के साथ ही राज्य का राजनीतिक माहौल और गरमाने वाला है। भाजपा, कांग्रेस, राकांपा (शरद पवार गुट और अजित पवार गुट), शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट और शिंदे गुट) जैसी प्रमुख पार्टियाँ चुनावों के लिए कमर कस चुकी हैं। कुछ दिन पहले विपक्ष ने राज्य चुनाव आयोग से मतदाता सूची में कथित घोटाले के संबंध में शिकायत की थी और आयोग से मुलाकात भी की थी। मनसे और महाविकास अघाड़ी ने तो मतदाता सूची में अनियमितताओं के खिलाफ एक संयुक्त सत्य मार्च भी निकाला था, जिसमें सबूत भी पेश किए गए थे। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आज आयोग द्वारा चुनावों की घोषणा किए जाने के बाद विपक्ष अपनी रणनीति में क्या बदलाव लाता है।
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