‘आपन कहाये वाला के बा’: भोजपुरी सिनेमा में रिश्तों की मिठास और गहराई की एक अनूठी दास्तान
भोजपुरी फिल्मों को लेकर अक्सर लोगों के मन में यह शंका रहती है कि पता नहीं कब कोई ऐसा दृश्य सामने आ जाए जो असहज कर दे। लेकिन, फिल्म ‘आपन कहाये वाला के बा’ एक ऐसी फिल्म है जो आपका ध्यान आकर्षित करेगी और आपको एक अलग ही अनुभव देगी।
अद्भुत प्रस्तुति, दिलों को छूती कहानी
फिल्म ‘आपन कहाये वाला के बा’ का स्क्रीनप्ले, कहानी, गीत-संगीत, अभिनय और निर्देशन हर स्तर पर आपको बांधे रखता है। यह फिल्म न केवल आपका मनोरंजन करती है, बल्कि भोजपुरी इलाके की एक सच्ची और सकारात्मक तस्वीर पेश करती है। इसे देखकर दर्शक गर्व से कह सकते हैं कि भोजपुरी सिनेमा भी गुणवत्तापूर्ण फिल्में बना सकता है।
रिश्तों को जोड़ने का संदेश
यह फिल्म टूटते-बिखरते रिश्तों को जोड़ने का संदेश देती है और पारिवारिक मूल्यों को नए सिरे से परिभाषित करती है। निर्देशक रजनीश मिश्रा ने इस फिल्म को बारीकी और संवेदनशीलता के साथ गढ़ा है।
ओटीटी पर रिलीज, प्रभावशाली अभिनय
यह फिल्म गत 27 सितंबर 2025 को ओटीटी प्लेटफॉर्म भोजपुरी सिनेमा और दंगल ऐप पर रिलीज हुई है। अवधेश मिश्रा, अंजना सिंह, देव सिंह, माया यादव और प्रीति मौर्या जैसे कलाकारों का अभिनय बेहद प्रभावशाली है। हर किरदार को कहानी से गहराई से जोड़ा गया है, और कई संवाद दिल को छू जाते हैं। ‘हम गहना पहिन के का करब जब जेठ जी के पगड़ी उतर जाई’ जैसे संवाद पुराने भोजपुरी सिनेमा की याद दिलाते हैं।
नई प्रतिभाओं का कमाल
बहन के किरदार में नई एक्ट्रेस संयुक्ता राय दर्शकों का ध्यान खींचने में सफल रही हैं। वहीं, रिंकू भारती, राघव पांडेय, अमरीश सिंह और राम सूजन सिंह जैसे कलाकारों ने भी अपने-अपने किरदारों में पूरी निष्ठा दिखाई है।
मनोज भावुक के गीत, रजनीश मिश्रा का संगीत
फिल्म के गीत-संगीत को इसकी रूह कहा जा सकता है। सभी गीत मनोज भावुक ने लिखे हैं और धुनों को सजाया है रजनीश मिश्रा ने। प्रियंका सिंह की आवाज में गाया गया गीत ‘भउजी जब खिसियाली बड़ी कड़ा लागेली’ सुनने में मधुर और चटपटा दोनों लगता है। वहीं, शादी-ब्याह के माहौल को जीवंत करता गीत ‘धान कुटाये लागल’ आने वाले दिनों में पूर्वांचल की शादियों का हिस्सा जरूर बनेगा।
टाइटल ट्रैक: रिश्तों की अहमियत का अहसास
फिल्म का टाइटल ट्रैक ‘आपन कहाये वाला के बा’ रोंगटे खड़े कर देता है। इसके बोल रिश्तों की संवेदनशीलता को दर्शाते हैं और भाईचारे की अहमियत को याद दिलाते हैं। यह गीत दर्शकों को भीतर तक भावुक कर देता है और टूटते रिश्तों पर सोचने को मजबूर करता है।
गीतकार मनोज भावुक और संगीतकार रजनीश मिश्रा की जोड़ी
इस जोड़ी ने इस फिल्म से भोजपुरी सिनेमा के स्वर्णिम युग की झलक फिर से दिखा दी है। गीतों में वही गहराई और मिठास है जो कभी शैलेन्द्र, मजरूह और अंजान के समय में महसूस की जाती थी।
‘आपन कहाये वाला के बा’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि भोजपुरी सिनेमा की इज्जत और असली पहचान को वापस दिलाने का प्रयास है। यह फिल्म आने वाले वर्षों तक याद रखी जाएगी और इसके संगीत व संदेश को लोग लंबे समय तक गुनगुनाते रहेंगे।
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