ऐश्वर्या राय का मातृत्व: आराध्या के लिए सब कुछ, बाकी सब बाद में!
नई दिल्ली: बॉलीवुड की धड़कन, ऐश्वर्या राय, सिर्फ अपनी अदाओं और फिल्मी चमक-दमक के लिए ही नहीं, बल्कि एक माँ के रूप में अपनी गहरी जिम्मेदारियों और अटूट समर्पण के लिए भी जानी जाती हैं। जब नवंबर 2011 में बेटी आराध्या बच्चन का जन्म हुआ, तब से ऐश्वर्या की दुनिया और उनकी प्राथमिकताएं पूरी तरह से बदल गईं।
‘जिम्मेदारियां मेरा अभिन्न अंग’
आराध्या के जन्म के बाद, ऐश्वर्या की जिंदगी का केंद्र बिंदु उनके जीवन की प्राथमिकताओं को नए सिरे से परिभाषित कर गया। एक साक्षात्कार में, उन्होंने खुलासा किया कि जिम्मेदारियों का बोझ उठाना उनके जीवन का एक हिस्सा रहा है, यहाँ तक कि 18 साल की उम्र से ही वह कई भूमिकाएँ निभा रही थीं। लेकिन माँ बनने के बाद, उनकी सोच और प्राथमिकताओं में एक क्रांतिकारी बदलाव आया।
‘आराध्या पहली, बाकी सब बाद में’
ऐश्वर्या बताती हैं कि उनका दिन सुबह 5:30 बजे शुरू होता है, लेकिन आराध्या के आने के बाद, उनकी पूरी दिनचर्या अब बेटी के इर्द-गिर्द घूमती है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा, “आराध्या मेरी सबसे पहली प्राथमिकता है। उसके बाद ही बाकी चीजें आती हैं, चाहे वो अभिषेक हों या परिवार के अन्य सदस्य। सभी महत्वपूर्ण हैं, लेकिन आराध्या से बढ़कर कोई नहीं।”
भले ही वे एक प्रतिष्ठित बॉलीवुड परिवार का हिस्सा हैं, ऐश्वर्या और अभिषेक बच्चन चाहते हैं कि आराध्या का बचपन सामान्य रहे। ऐश्वर्या का कहना है, “हम घर का माहौल सामान्य रखने की कोशिश करते हैं। आराध्या अक्सर गाना और डांस करती रहती है, कभी मेरे गानों पर, तो कभी अपने पिता या दादा के गानों पर। यह सब बहुत स्वाभाविक और सामान्य है।”
‘आराध्या के पास एक नैनी है’
व्यस्त कार्यक्रम के चलते, ऐश्वर्या ने बताया कि आराध्या की देखभाल के लिए एक नैनी है। हालाँकि कई लोगों ने उन्हें दो नैनी रखने की सलाह दी, ऐश्वर्या का मानना है कि वे अपनी बेटी की देखभाल खुद करना पसंद करती हैं। “मुझे आराध्या के लिए सब कुछ खुद करना अच्छा लगता है, भले ही काम की वजह से हमेशा ऐसा संभव न हो पाए,” उन्होंने कहा। इसके अलावा, ऐश्वर्या की माँ भी अक्सर उनकी मदद करती हैं, और जब ऐश्वर्या शूटिंग या किसी कार्यक्रम में व्यस्त होती हैं, तो नानी आराध्या का ख्याल रखती हैं।
‘हर कामकाजी महिला एक हीरो है’
ऐश्वर्या राय का मानना है कि हर वह गृहिणी जो साथ ही कामकाजी भी है, वह वास्तव में एक ‘हीरो’ है। उन्होंने कहा, “कई बार समय और जिम्मेदारियों में तालमेल बिठाना बेहद मुश्किल होता है, लेकिन यही असली शक्ति है।”
कुल मिलाकर, ऐश्वर्या राय बच्चन की जिंदगी इस बात का जीवंत प्रमाण है कि चाहे कोई कितना भी सफल क्यों न हो, माँ बनने के बाद बेटी की खुशी और उसकी देखभाल ही सबसे बड़ी उपलब्धि होती है।
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