बॉलीवुड की चकाचौंध और कड़वी सच्चाई: ‘द बैड्स ऑफ बॉलीवुड’ पर ‘रेड चिलीज’ का जवाब
मुंबई के गलियारों से उठी एक चिंगारी दिल्ली के उच्च न्यायालय तक पहुँच गई है। बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान के प्रोडक्शन हाउस ‘रेड चिलीज एंटरटेनमेंट’ ने आईआरएस अधिकारी समीर वानखेड़े की ‘द बैड्स ऑफ बॉलीवुड’ नामक वेब सीरीज पर अंतरिम रोक लगाने की याचिका का पुरजोर विरोध किया है। ‘रेड चिलीज’ का कहना है कि यह वेब सीरीज कोई सीधी-सादी कहानी नहीं, बल्कि एक तीखी व्यंग्यपूर्ण कृति है, जो कलात्मक अभिव्यक्ति का एक मान्य रूप है।
दूसरी ओर, समीर वानखेड़े, जिन्होंने इस सीरीज को मानहानिकारक करार देते हुए कई वेबसाइटों से हटाने की गुहार लगाई है, को ‘रेड चिलीज’ ने एक कड़ा जवाब दिया है। फिल्म निर्माण कंपनी ने दिल्ली उच्च न्यायालय में इस मामले पर ही सवाल उठाते हुए कहा है कि दिल्ली का यहाँ कोई न्यायाधिकार क्षेत्र नहीं बनता। उनका तर्क है कि वानखेड़े मुंबई में रहते हैं और ‘रेड चिलीज’ का पंजीकृत कार्यालय भी मुंबई में ही स्थित है, इसलिए इस मामले की सुनवाई मुंबई में होनी चाहिए थी।
‘रेड चिलीज’ की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता नीरज किशन कौल ने न्यायमूर्ति पुरुषेंद्र कुमार कौरव के समक्ष यह दलील दी कि वादी ने दिल्ली के न्यायाधिकार क्षेत्र को इसलिए चुना क्योंकि यहाँ रहने वाले कई लोग इस सीरीज को देख सकते हैं और कई समाचार पत्रों ने वानखेड़े के बारे में दिल्ली में रिपोर्टिंग की है।
हालांकि, ‘रेड चिलीज’ ने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी वेब सीरीज एक “व्यंग्य” है और ऐसे चित्रण को कलात्मक अभिव्यक्ति के एक वैध रूप के तौर पर कानून में पूरी छूट है।
इस हाई-प्रोफाइल मामले में अदालत ने अगली सुनवाई बृहस्पतिवार को तय की है, जहां यह तय होगा कि बॉलीवुड की इस ‘कड़वी सच्चाई’ पर कब तक पर्दा पड़ा रहेगा।
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