‘आखिरी सवाल’: आरएसएस के 100 साल, पर्दे पर हिला देने वाला जवाब!

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RSS के 100 सालों को पर्दे पर दिखाएगी 'आखिरी सवाल', फिल्ममेकर निखिल नंदा ने अनाउंस की फिल्म | The film 'Aakhri Sawaal' will answer the questions raised on RSS

‘आख़िरी सवाल’: आरएसएस की सौ साल की यात्रा पर एक नई हिंदी फिल्म का ऐलान

नई दिल्ली: भारत के सबसे चर्चित और प्रभावशाली संगठनों में से एक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष के इस विशेष अवसर पर, फिल्म निर्माता निखिल नंदा ने अपनी आगामी हिंदी फीचर फिल्म “आख़िरी सवाल” की घोषणा कर इतिहास के पन्नों को बड़े पर्दे पर जीवंत करने का वादा किया है। निखिल नंदा मोशन पिक्चर्स के बैनर तले बन रही यह फिल्म, संघ के सौ सालों के सफर और उसके अनछुए पहलुओं को दर्शकों के सामने प्रस्तुत करेगी।

एक सदी का सफ़र: ज़मीनी आंदोलन से राष्ट्रव्यापी शक्ति तक

1925 में स्थापित, आरएसएस की यात्रा व्यक्तिगत चरित्र निर्माण के एक ज़मीनी आंदोलन के रूप में शुरू हुई थी। समय के साथ, यह संगठन राष्ट्र निर्माण, सामाजिक सेवा और आपदा प्रबंधन में एक प्रमुख शक्ति के रूप में उभरा। 1948, 1975 और 1992 में लगाए गए प्रतिबंधों की चुनौतियों के बावजूद, आरएसएस हर बार और अधिक मज़बूती से उभरा। आज, इसकी शाखाएं न केवल भारत में, बल्कि विदेशों में भी सक्रिय हैं। स्कूलों और पुलों के निर्माण से लेकर आपदा राहत कार्यों और सामाजिक सेवाओं तक, आरएसएस की भूमिका बहुआयामी रही है, हालांकि इसे लेकर विवाद भी इसके साथ जुड़े रहे हैं।

जटिल प्रश्नों की पड़ताल: ‘आख़िरी सवाल’ की कसौटी

जहां कुछ आलोचक इसे “आतंकवादी संगठन” तक करार देते हैं, वहीं इसके समर्थक इसे निस्वार्थ सेवा और अनुशासन का प्रतीक मानते हैं। “आख़िरी सवाल” इन्हीं जटिल प्रश्नों को अपनी कहानी का आधार बनाती है: आरएसएस की असली पहचान क्या है? किन चुनौतियों के बावजूद इसने इतना विस्तार प्राप्त किया? और इसने संस्कृति की रक्षा तथा आधुनिक राष्ट्र निर्माण के बीच संतुलन कैसे स्थापित किया? फिल्म का निर्देशन अभिजीत मोहन वरंग कर रहे हैं, जबकि उत्कर्ष नैथानी ने पटकथा की ज़िम्मेदारी संभाली है।

मानवीय पहलुओं को उजागर करने का प्रयास

निखिल नंदा और उज्ज्वल आनंद द्वारा निर्मित और दीपक सिंह द्वारा सह-निर्मित यह फिल्म, उच्च-स्तरीय ड्रामा, दुर्लभ आर्काइव फुटेज और व्यक्तिगत गवाहियों के माध्यम से संगठन के मानवीय पहलुओं को उजागर करने का एक महत्वाकांक्षी प्रयास है। फिल्म निर्माता निखिल नंदा ने साझा करते हुए कहा, “यह फिल्म सिर्फ एक कहानी नहीं है, बल्कि हर उस ‘आख़िरी सवाल’ का जवाब है जो आरएसएस को लेकर हर बहस में उठता है। हमने नागपुर की गलियों से लेकर प्रवासी भारतीयों तक, संघ की जीवंतता, साहस और सांस्कृतिक आत्मा को सिनेमा में कैद किया है।”

सिनेमाघरों में धूम मचाने की तैयारी: अप्रैल 2026 में रिलीज़

यह फिल्म अप्रैल 2026 में देश भर के सिनेमाघरों में रिलीज़ होने के लिए तैयार है। उम्मीद है कि “आख़िरी सवाल” दर्शकों को बांधे रखने में सफल होगी और क्लासरूम, ड्राइंग रूम तथा राजनीतिक मंचों पर चर्चा का एक प्रमुख विषय बनेगी। फिल्म में आरएसएस की शाखाओं, राहत मिशनों और ऐतिहासिक पलों को अद्भुत दृश्यों के साथ दर्शाया जाएगा। फिल्म की शूटिंग इस महीने भारत के कई प्रमुख स्थानों पर शुरू हो रही है, और इसका विश्व प्रीमियर 2026 की शुरुआत में होने की योजना है।


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