मनोरंजन डेस्क
AMN-शशांक मणि पांडेय
प्रकाशित: सोमवार, 2 फरवरी, 2026, 12:29 [IST]
90 की उम्र में आध्यात्मिक गूँज: दलाई लामा ने रचा इतिहास, जीता अपना पहला ग्रैमी अवॉर्ड
संगीत की दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित मंच ‘ग्रैमी अवॉर्ड्स 2026’ में इस बार एक ऐसा ऐतिहासिक पल दर्ज हुआ, जिसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया। 90 वर्षीय आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा ने अपने जीवन का पहला ग्रैमी पुरस्कार जीतकर संगीत जगत में अपनी धाक जमाई है। ग्रैमी के इस 68वें संस्करण में उन्हें ‘बेस्ट ऑडियो बुक, नैरेशन और स्टोरीटेलिंग रिकॉर्डिंग’ की श्रेणी में सम्मानित किया गया। यह गौरवशाली उपलब्धि उन्हें उनके विशेष एल्बम ‘मेडिटेशन: द रिफ्लेक्शंस ऑफ हिज होलीनेस द दलाई लामा’ के लिए हासिल हुई है।
वैश्विक सम्मानों में एक नया स्वर्णिम अध्याय
नोबेल शांति पुरस्कार जैसे दुनिया के सर्वोच्च सम्मानों से अलंकृत दलाई लामा के यश में अब ग्रैमी की चमक भी जुड़ गई है। अपनी आध्यात्मिक शिक्षाओं, शांति और करुणा के संदेश के लिए विख्यात दलाई लामा ने इस बार ऑडियो माध्यम के जरिए वैश्विक जनमानस को गहराई से प्रभावित किया। संगीत के इस महाकुंभ में उनकी जीत ने यह साबित कर दिया कि शांति की आवाज़ सरहदों और विधाओं से परे होती है।
हॉलीवुड और मनोरंजन जगत से रहा है गहरा नाता
दलाई लामा का प्रभाव केवल आध्यात्मिक गलियारों तक सीमित नहीं है। उनका मनोरंजन जगत से भी पुराना और गहरा रिश्ता रहा है। वे पहले भी कई अंतरराष्ट्रीय फिल्मों और डॉक्यूमेंट्रीज का हिस्सा रह चुके हैं। उनके जीवन दर्शन और तिब्बत के संघर्ष पर आधारित कई सिनेमाई प्रोजेक्ट्स ने वैश्विक स्तर पर उनकी बहुआयामी छवि को मजबूती से पेश किया है।
भारतीय खेमे में इस बार छाई रही मायूसी
ग्रैमी 2026 भारतीय संगीत प्रेमियों के लिए थोड़ी निराशा लेकर आया। कई दिग्गज भारतीय कलाकारों के नामांकित होने के बावजूद, भारत के हाथ कोई पुरस्कार नहीं लगा। मशहूर सितार वादक अनुष्का शंकर को उनके प्रोजेक्ट ‘डेब्रेक’ के लिए नामांकन मिला था, लेकिन वे जीत से चूक गईं। वहीं, शंकर महादेवन का फ्यूजन बैंड ‘शक्ति’ (जिसमें सिद्धांत भाटिया भी शामिल हैं) और संगीतकार चारू सूरी भी रेस में थे, पर सफलता किसी के हाथ नहीं लगी। अनुष्का शंकर इस समारोह में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित भी नहीं थीं।
इंटरनेशनल सितारों का रहा बोलबाला
ग्रैमी के इस भव्य आयोजन में अंतरराष्ट्रीय सितारों का जबरदस्त दबदबा देखने को मिला। रैपर केंड्रिक लैमर ने अपने 9 नामांकनों में से 3 कैटेगरी में जीत दर्ज की। वहीं, लेडी गागा 7 नामांकनों के साथ दूसरी सबसे चर्चित कलाकार रहीं और उन्होंने भी अपनी दमदार उपस्थिति से महफिल लूट ली।
बड़े पर्दे पर दलाई लामा की जीवन गाथा
दलाई लामा के प्रेरक जीवन पर हॉलीवुड ने हमेशा दिलचस्पी दिखाई है। 1997 में दिग्गज निर्देशक मार्टिन स्कॉर्सेसी ने ‘कुंदन’ बनाई, जिसे 4 ऑस्कर नामांकन मिले थे। उसी साल आई ब्रैड पिट की ‘7 ईयर्स इन तिब्बत’ को भी काफी लोकप्रियता मिली, जिसमें भारतीय अभिनेता डैनी डेन्जोंगपा ने अहम भूमिका निभाई थी। इसके बाद ‘दलाई लामा अवेकनिंग’ (2014) और ‘विसडम ऑफ हैप्पीनेस’ (2024) जैसी डॉक्यूमेंट्रीज ने उनके विचारों को आधुनिक दुनिया के सामने नए ढंग से प्रस्तुत किया।
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