ईशान खट्टर की चेतावनी: ‘होमबाउंड’ के किरदारों को कम आंकना भूल जाएं!

By
Aware Media Network
Aware Media Network एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरें, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी...
- News Desk
3 Min Read
Neeraj Ghaywan ने दी थी चेतावनी! 'Homebound' के किरदारों को हल्के में नहीं ले सकते: Ishaan Khatter

ईशान खट्टर का खुलासा: ‘होमबाउंड’ में किरदारों को ‘जीना’ था, सिर्फ ‘निभाना’ नहीं

नई दिल्ली: अभिनेता ईशान खट्टर ने अपनी आगामी फिल्म ‘होमबाउंड’ को लेकर निर्देशक नीरज घायवान के अनूठे दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला है। खट्टर के अनुसार, घायवान ने फिल्म के कलाकारों के सामने यह स्पष्ट चुनौती रखी थी कि उन्हें अपने किरदारों को केवल संवादों के माध्यम से प्रस्तुत नहीं करना था, बल्कि उन्हें गहराई से महसूस कर अपने जीवन का हिस्सा बनाना था। इस प्रक्रिया ने खट्टर को आत्मनिरीक्षण के एक नए स्तर पर पहुँचाया।

नीरज घायवान द्वारा निर्देशित ‘होमबाउंड’ दो युवा दोस्तों, चंदन (विशाल जेठवा) और शोएब (ईशान खट्टर) की कहानी है, जो उत्तर भारत के छोटे से शहर में पलते-बढ़ते हैं। दोनों का एक ही सपना है – पुलिस बल में शामिल होकर देश की सेवा करना। हालांकि, सामाजिक पूर्वाग्रहों और उनकी जाति और धर्म को लेकर व्याप्त रूढ़िवादिता उनके इस सपने की राह में कांटे बिछा देती है।

‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में ईशान ने निर्देशक के साथ अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया, "नीरज ने हम सभी कलाकारों को यह साफ कर दिया था कि हम अपने किरदारों को हल्के में नहीं ले सकते।" खट्टर के मुताबिक, घायवान का सीधा संदेश था, "ये किरदार आपके लिए नहीं लिखे गए हैं, बल्कि आपको खुद को इन किरदारों में ढालना होगा।" निर्देशक की मंशा थी कि कलाकार सिर्फ अभिनय न करें, बल्कि किरदारों की भावनाओं, उनकी संघर्षों और उनकी दुनिया में पूरी तरह से डूब जाएं। "मैं चाहता हूं कि आप इन किरदारों को जीने की कोशिश करें," यह घायवान का मुख्य आग्रह था।

‘बियॉन्ड द क्लाउड्स’, ‘धड़क’ और ‘पिप्पा’ जैसी फिल्मों में अपनी सशक्त भूमिकाओं के लिए पहचाने जाने वाले ईशान के लिए, अपने करियर के इस पड़ाव पर घायवान जैसे निर्देशक के साथ काम करना एक बहुप्रतीक्षित इच्छा थी। उन्होंने कहा, "बहुत कम निर्देशक आपको इस तरह आगे बढ़ने का मौका देते हैं।" खट्टर ने अपनी तुलना माजिद मजीदी से की, जिनके साथ उन्होंने अपना करियर शुरू किया था, और कहा, "मुझे तुरंत पता चल गया था कि नीरज मेरे लिए एक बहुत बड़ा तोहफा साबित होंगे और वह हैं भी।"

शुक्रवार को सिनेमाघरों में दस्तक दे रही ‘होमबाउंड’ पत्रकार बशारत पीर के ‘द न्यू यॉर्क टाइम्स’ में प्रकाशित लेख ‘टेकिंग अमृत होम’ से प्रेरित है, जो इस फिल्म को एक प्रासंगिक और विचारोत्तेजक पृष्ठभूमि प्रदान करता है।


Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Share This Article
Follow:
Aware Media Network एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरें, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी संपादकीय टीम विश्वसनीय स्रोतों, आधिकारिक आंकड़ों और पत्रकारिता के नैतिक सिद्धांतों के आधार पर समाचार तैयार करती है। Aware Media Network का उद्देश्य निष्पक्ष, सटीक और समय पर जानकारी प्रदान करना है, ताकि पाठक जागरूक निर्णय ले सकें और समसामयिक घटनाओं को बेहतर ढंग से समझ सकें।
कोई टिप्पणी नहीं

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Exit mobile version