सिनेमा जगत के दिग्गज गीतकार और पटकथा लेखक जावेद अख्तर एक सनसनीखेज डीपफेक वीडियो का शिकार हुए हैं। इस फर्जी वीडियो में यह झूठा दावा किया गया कि उन्होंने अपना धर्म बदल लिया है। दशकों से खुद को मुखर नास्तिक और धर्मनिरपेक्ष विचारक बताने वाले अख्तर ने इस जालसाजी पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए सच्चाई सामने रखी है और दोषियों को कानूनी अंजाम भुगतने की खुली चेतावनी दी है।
डीपफेक वीडियो का सच: ‘भगवान को मान लिया’ के दावे का पर्दाफाश
विवाद की शुरुआत 1 जनवरी, 2026 को हुई, जब सोशल मीडिया पर एक छेड़छाड़ की गई क्लिप वायरल होने लगी। इस वीडियो में जावेद अख्तर की एक AI-जनरेटेड तस्वीर दिखाई गई, जिसमें वे टोपी पहने हुए नजर आ रहे थे और दावा किया गया कि उन्होंने आखिरकार “ईश्वर को स्वीकार” कर लिया है।
X (पूर्व में ट्विटर) पर अपना गुस्सा जाहिर करते हुए अख्तर ने लिखा, “एक फर्जी वीडियो प्रसारित हो रहा है जिसमें कंप्यूटर से बनी मेरी फर्जी तस्वीर है। इसमें मुझे टोपी पहने दिखाया गया है और दावा है कि मैंने भगवान को मान लिया है। यह पूरी तरह बकवास है। मैं इस मामले की साइबर पुलिस में शिकायत करने पर विचार कर रहा हूं और अपनी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने के लिए जिम्मेदार लोगों को अदालत तक घसीटूंगा।”
दिलचस्प बात यह है कि यह डीपफेक वीडियो उनके एक हाई-प्रोफाइल बौद्धिक विमर्श के ठीक बाद सामने आया। 20 दिसंबर, 2025 को इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में उन्होंने इस्लामिक विद्वान मुफ्ती शमाइल नदवी के साथ ‘क्या भगवान मौजूद हैं?’ विषय पर एक सार्वजनिक बहस में हिस्सा लिया था।
विवादित बयान: ‘मुसलमानों जैसे मत बनो’ पर छिड़ी रार
हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान जावेद अख्तर ने फिल्म ‘शोले’ के उस सीन का जिक्र किया, जिसमें धर्मेंद्र मंदिर में मूर्ति के पीछे छिपकर हेमा मालिनी से बात करते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आज के दौर में वे ऐसा सीन लिखने की हिम्मत नहीं कर पाते। अख्तर ने कहा, “मैंने राजू हिरानी के साथ एक कार्यक्रम में भी कहा था—’मुसलमानों जैसे मत बनो। उन्हें अपने जैसा बनाओ। तुम खुद कट्टर बन रहे हो’।”
उनके इस बयान ने सोशल मीडिया को दो धड़ों में बांट दिया। जहां कुछ लोगों ने उनके साहस की सराहना की, वहीं मशहूर गायक लकी अली ने उन पर तीखा हमला बोला। लकी अली ने प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “जावेद अख्तर जैसे मत बनो, जो न कभी ओरिजिनल हैं और बहुत ज्यादा बदसूरत भी।”
हालांकि जावेद अख्तर ने लकी अली के इस वार पर चुप्पी साधे रखी, लेकिन बाद में गायक ने अपनी टिप्पणी के लिए माफी भी मांगी। हालांकि, लकी अली की माफी भी किसी व्यंग्य से कम नहीं थी। उन्होंने लिखा, “मेरा मतलब था कि घमंड बदसूरत होता है… अगर मैंने किसी की ‘राक्षसी प्रवृत्ति’ को ठेस पहुंचाई है तो मैं माफी चाहता हूं।” फिलहाल इस मामले ने डिजिटल सुरक्षा और अभिव्यक्ति की आजादी पर एक नई बहस छेड़ दी है।
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