“मैं किसी की जगह लेने नहीं, बल्कि खुद को खोजने आया हूँ”: इरफ़ान खान से तुलना पर नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी का बेबाक जवाब
बॉलीवुड के बेमिसाल अभिनेता नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी ने हाल ही में उन तमाम चर्चाओं पर विराम लगा दिया है, जिनमें उनकी तुलना दिवंगत दिग्गज अभिनेता इरफ़ान खान से की जा रही थी। नवाज़ुद्दीन ने बेहद संजीदगी के साथ स्पष्ट किया कि उनकी फिल्मी यात्रा किसी की विरासत को दोहराने के लिए नहीं, बल्कि खुद के अस्तित्व को तलाशने और अपनी व्यक्तिगत कमियों को दूर करने का एक माध्यम है।
“मेरी यात्रा आत्म-विकास का एक सफर है”
वीकेंड पर आयोजित ‘NDTV क्रिएटर्स मंच सीज़न 2’ में नवाज़ुद्दीन ने अपने करियर और अभिनय की गहराई पर खुलकर बात की। जब उनसे पूछा गया कि क्या इरफ़ान खान के जाने के बाद उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में उनके खाली स्थान को भर दिया है, तो उन्होंने बड़ी विनम्रता से जवाब दिया: “मैं खुद को भरने आया हूँ। मैं किसी और अभिनेता की जगह लेने की चाहत नहीं रखता। मुझमें कई खामियां हैं और मैं अभिनय के माध्यम से उन्हीं कमियों को जीतना चाहता हूँ। यह मेरी नितांत निजी यात्रा है। ईश्वर ने आपको जो विशिष्टता दी है, आपको उसी पर ध्यान देना चाहिए। दूसरों की ओर देखने के बजाय खुद को तराशना ही असली कला है।”
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नवाज़ुद्दीन ने आगे कहा कि उनका प्राथमिक लक्ष्य उन जटिल किरदारों के माध्यम से खुद को पहचानना है जिन्हें वह पर्दे पर जीते हैं। उनके अनुसार, एक कलाकार को दूसरों से मुकाबला करने के बजाय अपनी ताकत और कमजोरियों के विश्लेषण पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने जोर देते हुए कहा, “मुझे अपनी कमज़ोरियों का अहसास है और मैं किरदारों के जरिए उनसे निपटना चाहता हूँ। आपके भीतर एक विशाल संसार है, बस उसे खोजने की ज़रूरत है।”
नवाज़ुद्दीन और इरफ़ान: एक यादगार जुगलबंदी
नवाज़ुद्दीन और इरफ़ान खान ने सिनेमाई पर्दे पर कई बार अपनी जादुई उपस्थिति दर्ज कराई है। रितेश बत्रा के निर्देशन में बनी 2013 की फिल्म ‘द लंचबॉक्स’ उनकी सबसे यादगार फिल्मों में से एक है। इस फिल्म ने न केवल कान्स फिल्म फेस्टिवल में वाहवाही बटोरी, बल्कि BAFTA अवॉर्ड्स में भी अपना लोहा मनवाया।
इन दोनों दिग्गजों ने ‘पान सिंह तोमर’ और ‘द बाईपास’ जैसी फिल्मों में भी साथ काम किया था। नवाज़ुद्दीन ने हमेशा से इरफ़ान को अपने शुरुआती करियर का मार्गदर्शक और मेंटर माना है। गौरतलब है कि साल 2020 में 53 वर्ष की आयु में कैंसर से जूझते हुए इरफ़ान खान दुनिया को अलविदा कह गए थे।
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पाइपलाइन में हैं ये बड़े प्रोजेक्ट्स
अभिनय के मोर्चे पर बात करें तो नवाज़ुद्दीन को आखिरी बार नेटफ्लिक्स की चर्चित थ्रिलर ‘रात अकेली है’ में देखा गया था। आने वाले समय में उनके पास कई दिलचस्प फिल्में हैं, जिनमें कोर्टरूम ड्रामा ‘सेक्शन 108’ और हीस्ट थ्रिलर ‘द ग्रेट एस्केप फरार’ प्रमुख हैं। इसके अलावा, वह बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘तुम्बाड 2’ की स्टारकास्ट में शामिल होकर दर्शकों के उत्साह को दोगुना करने के लिए तैयार हैं।
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