असम की बाढ़ में ‘मसीहा’ बने रणदीप हुड्डा: जमीन पर उतरकर बांट रहे हैं राहत सामग्री, कहा- ‘इंसानियत ही सबसे बड़ा धर्म’
बॉलीवुड के ‘रैम्बो’ रणदीप हुड्डा इन दिनों रुपहले पर्दे से दूर असम की लहरों के बीच जिंदगी बचाने की जद्दोजहद में जुटे हैं। असम के शिवसागर जिले में बाढ़ से मची तबाही के बीच अभिनेता खुद मैदान में उतरे हैं। रणदीप एनजीओ ‘ग्लोबल सिखों’ के साथ मिलकर प्रभावित इलाकों में राशन और जरूरी सामान पहुंचाने का मोर्चा संभाले हुए हैं। गौरतलब है कि असम में कुदरत का यह कहर अब तक 82 जिंदगियां लील चुका है और लाखों लोग दाने-दाने को मोहताज होकर बेघर हो चुके हैं।
खतरे की घंटी: बाढ़ के बाद अब बीमारियों का साया
रविवार को शिवसागर के दुर्गम इलाकों में राहत कार्य करते हुए रणदीप हुड्डा ने जमीनी हकीकत बयां की। उन्होंने बताया कि पानी उतरे 10 दिन बीत चुके हैं, लेकिन गहराई अब भी डराने वाली है। कई परिवार अब भी टापुओं पर फंसे हुए हैं। रणदीप ने चिंता जताते हुए कहा, ‘हमने जरूरी राशन तो पहुंचा दिया है, लेकिन दूर-दराज के इलाकों में स्थिति गंभीर है। घरों के भीतर कीचड़ जमा है। अगर जल्द ही जल निकासी नहीं हुई, तो महामारी फैलने का बड़ा खतरा मंडरा रहा है।’ ‘ग्लोबल सिखों’ की टीम पिछले एक हफ्ते से उन लोगों की मदद कर रही है, जिनके बर्तन और घर का सारा सामान पानी में बह गया है।
#WATCH | Sivasagar, Assam: On flood relief work, Actor, Randeep Hooda says, “… The water is still very deep. It has been 10 days since the flood, but many families are still stranded in the water in several places. We distributed essential items and returned. Many people in… pic.twitter.com/ZBAwYZ8nfl
— ANI (@ANI) August 2, 2026
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रेलवे स्टेशन पर दिखाई दरियादिली, गुरुद्वारे में टेका मत्था
शनिवार को रणदीप हुड्डा ने शिवसागर रेलवे स्टेशन को अपना ठिकाना बनाए बेघर परिवारों के बीच पहुंचकर उनकी जरूरत का सामान वितरित किया। सेवा भाव के साथ-साथ अभिनेता ने आध्यात्मिक शांति और असम की खुशहाली के लिए स्थानीय गुरुद्वारा साहिब में अरदास भी की। उन्होंने वहां लोगों की सलामती की प्रार्थना की।
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इंसानियत का पैगाम: ‘दूसरों की मदद हमारा फर्ज’
स्टेशन पर लंगर बांटते हुए रणदीप ने मीडिया से रूबरू होकर कहा कि यहां आसपास के गांवों से आए कई बेसहारा परिवार ठहरे हुए हैं, जिनके लिए पिछले सात दिनों से लगातार खाना तैयार कर लाया जा रहा है। भावुक होते हुए रणदीप ने कहा, ‘इंसानियत से ऊपर कुछ भी नहीं है। मैं लंबे समय से ‘ग्लोबल सिखों’ की टीम के साथ काम कर रहा हूं और उनका सेवा भाव अद्भुत है। मैं हर सक्षम व्यक्ति से अपील करता हूं कि वे असम के इन पीड़ितों की मदद के लिए आगे आएं। एक इंसान होने के नाते मुश्किल वक्त में दूसरों का साथ देना ही हमारा असली फर्ज है।’
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