सुलक्षणा पंडित: एक मधुर आवाज और बेमिसाल अदाकारा, जिनका सफर दर्द और प्यार की दास्तां बन गया
सुलक्षणा पंडित के निधन से हिंदी सिनेमा में शोक की लहर
हिंदी सिनेमा की जानी-मानी गायिका और अभिनेत्री सुलक्षणा पंडित का 6 नवंबर 2025 को हृदय गति रुकने (कार्डियक अरेस्ट) से निधन हो गया। वे लंबे समय से अस्वस्थ थीं और पिछले 16 सालों से बिस्तर पर ही थीं।
संगीत और अभिनय की दुनिया की धुरंधर
सुलक्षणा पंडित, मशहूर अभिनेत्री विजयाता पंडित की बहन और शास्त्रीय संगीत के महान गायक पंडित जसराज की भतीजी थीं। फिल्मों और संगीत के क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बनाने वाली सुलक्षणा की सेहत पिछले कई सालों से अत्यंत नाजुक बनी हुई थी।
संघर्षों से भरा जीवन
सुलक्षणा पंडित की बहन विजयाता पंडित ने बताया कि अपने अंतिम दिनों में वे किसी को पहचान भी नहीं पाती थीं। सुलक्षणा का जीवन संघर्षों से भरा रहा। उन्होंने अपने करियर में जितनी ऊंचाइयां हासिल कीं, निजी जिंदगी में उतने ही गहरे दर्द सहे।
सुलक्षणा पंडित का शानदार करियर
- दिवंगत अभिनेत्री सुलक्षणा पंडित ने एक बाल पार्श्व गायिका के रूप में अपने करियर की शुरुआत की और शीघ्र ही वे एक सफल गायिका बन गईं। इसके बाद उन्होंने अभिनय की दुनिया में कदम रखा और कई हिट फिल्मों में काम किया।
- उनकी पहली फिल्म ‘उलझन’ (1975) थी, जिसमें उन्होंने महान अभिनेता संजीव कुमार के साथ काम किया। इसके बाद उन्होंने ‘संकोच’, ‘हेराफेरी’, ‘अपनापन’, ‘खानदान’ और ‘वक्त की दीवार’ जैसी फिल्मों में अपने शानदार अभिनय से दर्शकों का दिल जीता।
’16 साल से बिस्तर पर थीं सुलक्षणा पंडित’
- दिवंगत अभिनेत्री सुलक्षणा पंडित की बहन विजयाता पंडित ने ईटाइम्स से बातचीत में बताया, “दीदी मेरी दूसरी मां जैसी थीं। कूल्हे में चोट लगने और कई सर्जरी के बाद वे पिछले 16 सालों से बिस्तर पर थीं। इतने सालों तक मैंने और मेरे परिवार ने उनकी पूरी देखभाल की।”
- विजयाता पंडित ने आगे कहा, “हमने न सिर्फ परिवार के एक सदस्य को खो दिया, बल्कि एक बेहद प्रतिभाशाली गायिका और अभिनेत्री को भी खो दिया, जिन्होंने अपने समय के सभी बड़े कलाकारों के साथ काम किया था।”
संजीव कुमार और सुलक्षणा पंडित का रिश्ता
- सुलक्षणा पंडित केवल अपने काम के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी निजी जिंदगी को लेकर भी चर्चा में रहीं। उनका नाम अभिनेता संजीव कुमार के साथ जुड़ा था। बताया जाता है कि सुलक्षणा ने संजीव कुमार को शादी का प्रस्ताव दिया था, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया था। इसके बाद सुलक्षणा ने आजीवन अविवाहित रहने का फैसला किया।
- संयोग की बात यह है कि सुलक्षणा पंडित का निधन ठीक उसी दिन (6 नवंबर) को हुआ, जिस दिन संजीव कुमार का निधन (1985) हुआ था। विजयाता पंडित ने कहा, “क्या यह विडंबना नहीं है कि दीदी का निधन उसी दिन हुआ, जिस दिन संजीव कुमार की पुण्यतिथि होती है? दोनों के गहरे रिश्ते और उनके प्रति दीदी के प्रेम के बारे में सब जानते हैं। शायद कायनात ने उनके रिश्ते को फिर से मंजूरी दे दी।”
- विजयाता पंडित ने कहा, “संजीव कुमार का हमारे परिवार से बहुत गहरा रिश्ता था, लेकिन उनका रिश्ता कभी शादी में नहीं बदल पाया। दीदी जिंदगी भर कुंवारी रहीं क्योंकि संजीव कुमार उनसे शादी नहीं कर सके। दोनों कुंवारे रहे और अब दोनों की कहानी जैसे फिर से एक हो गई है।”
- सुलक्षणा पंडित ने अपने समय में न सिर्फ कई हिट गाने दिए, बल्कि अपने अभिनय और सौम्य व्यक्तित्व से भी दर्शकों का दिल जीता था। उनका जाना हिंदी सिनेमा और संगीत जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
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