‘द केरल स्टोरी 2’: महज़ एक फिल्म नहीं, देशव्यापी ‘बड़े खतरे’ का पर्दाफाश – विपुल शाह
फिल्म जगत के जाने-माने निर्माता विपुल शाह ने अपनी बहुचर्चित और विवादास्पद फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ के सीक्वल को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है। शाह का कहना है कि ‘द केरल स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड’ बनाने का उद्देश्य उस “व्यापक खतरे” को उजागर करना है, जो अब केवल केरल की सीमाओं तक सीमित न रहकर पूरे देश में अपने पैर पसार चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पहली फिल्म की अपार सफलता के बाद उन्हें देश के कोने-कोने से ऐसी कई झकझोर देने वाली कहानियाँ मिलीं, जिनसे यह साफ हो गया कि यह मुद्दा एक राष्ट्रीय चिंता का विषय है।
विवादों के साये में बड़े पर्दे पर वापसी
भारी विरोध और चर्चाओं के बीच ‘द केरल स्टोरी 2 : गोज बियॉन्ड’ पिछले सप्ताह सिनेमाघरों में दस्तक दे चुकी है। इस बार की कहानी अलग-अलग राज्यों की उन तीन हिंदू महिलाओं के इर्द-गिर्द घूमती है, जिन्होंने परिवार की मर्जी के खिलाफ मुस्लिम पुरुषों से विवाह किया, लेकिन बाद में उन्हें जबरन धर्म परिवर्तन के जाल में धकेल दिया गया। ‘सनशाइन पिक्चर्स’ के बैनर तले बनी इस फिल्म को लेकर शाह ने स्पष्ट किया कि सीक्वल की कोई पूर्व योजना नहीं थी। पहली फिल्म ने जहाँ बॉक्स ऑफिस पर 300 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार किया और दो राष्ट्रीय पुरस्कार अपने नाम किए, वहीं इसकी सफलता ने और अधिक सच्चाई सामने लाने का हौसला दिया।
विपुल शाह का नजरिया: मार्केटिंग नहीं, मिशन है यह फिल्म
पीटीआई-भाषा को दिए एक विशेष साक्षात्कार में शाह ने कहा, “ईमानदारी से कहूं तो ‘केरल स्टोरी 2’ बनाने का हमारा कोई इरादा नहीं था। लेकिन पहली फिल्म के बाद हमारे पास जो कहानियों और तथ्यों का अंबार लगा, उसने हमें सोचने पर मजबूर कर दिया। हमें अहसास हुआ कि यह समस्या कहीं अधिक गहरी और व्यापक है। इसे दर्शकों तक पहुँचाना हमारी जिम्मेदारी बन गई थी। यह कोई व्यावसायिक रणनीति या मार्केटिंग चाल नहीं थी कि पहली फिल्म हिट हुई तो दूसरा भाग बना लें, बल्कि यह एक जरूरी कहानी को बयां करने की कोशिश थी।”
जहाँ पहली फिल्म का निर्देशन सुदीप्तो सेन ने किया था, वहीं इस सीक्वल की कमान कामाख्या नारायण सिंह ने संभाली है। जब शाह से इसके तीसरे भाग की संभावना पर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा, “फिलहाल कोई ठोस योजना नहीं है, लेकिन अगर भविष्य में कुछ ऐसे तथ्य या प्रभावशाली कहानियाँ सामने आती हैं जिन्हें दुनिया को जानना चाहिए, तो हम उस पर विचार जरूर करेंगे।”
कानूनी अड़चनें और अभिव्यक्ति की आजादी
रिलीज से पहले ही यह फिल्म विवादों के भंवर में फंस गई थी। ट्रेलर आते ही इसे ‘प्रोपेगेंडा’ और ‘घृणा फैलाने वाला’ करार दिया गया। केरल उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने इसकी रिलीज पर 15 दिनों की रोक भी लगाई थी, जिसे बाद में खंडपीठ ने हटाते हुए हरी झंडी दे दी। शाह ने चिंता जताते हुए आरोप लगाया कि केरल और तमिलनाडु में कुछ संगठन थिएटर मालिकों को धमका रहे हैं ताकि फिल्म को हटाया जा सके। शाह के अनुसार, यह सीधे तौर पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और अदालत के आदेशों का अपमान है।
आगामी प्रोजेक्ट्स पर एक नजर
अपनी भविष्य की योजनाओं को साझा करते हुए विपुल शाह ने बताया कि उन्होंने हाल ही में मनोज बाजपेयी स्टारर फिल्म “गवर्नर” की शूटिंग पूरी की है। इसके साथ ही वह अपनी पत्नी शेफाली शाह और जयदीप अहलावत के साथ फिल्म ‘हिसाब’ की तैयारियों में जुटे हैं। शाह का दावा है कि ‘हिसाब’ एक ऐसी अनोखी और रोमांचक बैंक डकैती की दास्तान होगी, जो भारतीय सिनेमा के दर्शकों के लिए बिल्कुल नया अनुभव साबित होगी।
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