मनोरंजन
पूर्णिमा आचार्य
प्रकाशित: शुक्रवार, दिसंबर 5, 2025, 17:43 [IST]
19 मिनट का वायरल वीडियो: सोशल मीडिया पर हर दिन दर्जनों वीडियो वायरल होते हैं, लेकिन इन दिनों जिस क्लिप ने इंटरनेट पर हलचल मचा रखी है, वह है 19 मिनट 34 सेकंड वाला वीडियो। इसकी चर्चा इतनी तेज हो रही है कि लोग इससे जुड़े दूसरे वीडियो भी ढूंढने लगे हैं।
19 मिनट 34 सेकंड वाले वीडियो ने मचाई हलचल
इस अफरातफरी में एक मासूम लड़की को बेवजह निशाना बना दिया गया है। कई लोगों ने दावा किया है कि वीडियो में दिख रही लड़की इंस्टाग्राम इंफ्लुएंसर स्वीट जन्नत है। उसके सोशल मीडिया पोस्ट पर कमेंट्स की बौछार भी होने लगी है।
स्वीट जन्नत को ट्रोल कर रहे थे लोग
कुछ लोग स्वीट जन्नत को ट्रोल कर रहे थे तो कुछ गलत सवाल पूछ रहे थे। आखिरकार लड़की को गुस्सा आ गया और उसने सार्वजनिक रूप से कहा कि वीडियो में दिखने वाली लड़की वह बिल्कुल नहीं है। तभी लोगों को बात समझ आई कि वे गलतफहमी का शिकार हो गए थे।
बाजार में लड़के की पिटाई का वीडियो हुआ वायरल
-इस विवाद के बीच एक और वीडियो सोशल मीडिया पर धड़ल्ले से शेयर किया जा रहा है। इस क्लिप में देखा जा सकता है कि एक युवक को बाजार में भीड़ घेरकर चप्पलों और डंडों से बुरी तरह पीट रही है।
-लोग दावा कर रहे हैं कि ये वही लड़का है जो कथित 19 मिनट 34 सेकंड वायरल वीडियो में दिखा था। जैसे ही वह व्यक्ति बाजार में दिखाई दिया लोगों ने पकड़कर उसकी सरेआम धुनाई कर दी, लेकिन हम आपको बता दें कि ये दावा पूरी तरह से झूठा है।
क्या है पिटाई वाले वीडियो की सच्चाई और क्यों हुआ ये वायरल?
-जिस युवक की पिटाई का वीडियो वायरल हो रहा है, उसका 19 मिनट 34 सेकंड वाले वीडियो से कोई संबंध नहीं है। ये एक अलग घटना की फुटेज है जिसे ट्रेंड का फायदा उठाने के लिए गलत तरीके से जोड़कर फैलाया जा रहा है। बाद में इस वीडियो को सोशल मीडिया से डिलीट कर दिया गया।
-जानकारी के अनुसार 19 मिनट वीडियो ने तो इंटरनेट पर बड़ी संख्या में लोगों को फर्जी क्लिप का शिकार बना दिया है। आपको बता दें कि ये वीडियो फर्जी, AI जनरेटेड या डीपफेक है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे वीडियो अक्सर एडिटिंग और तकनीकी छेड़छाड़ के जरिए बनाए जाते हैं इसलिए उन्हें सच मानकर किसी की पहचान पर उंगली उठाना खतरनाक हो सकता है।
वायरल ट्रेंड्स के चक्कर में मासूम को निशाना न बनाएं
-सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहें और अधूरी जानकारी कई बार किसी की जिंदगी खराब कर सकती है। इस मामले में न सिर्फ एक लड़की को गलत तरीके से ट्रोल किया गया बल्कि एक दूसरे वीडियो के लड़के को भी गलत आरोपों से जोड़ दिया गया।
-ऐसे में जरूरी है कि किसी भी वायरल वीडियो पर बिना जांच-पड़ताल विश्वास न करें। किसी की पहचान को लेकर अनुमान न लगाएं। डीपफेक और AI जनरेटेड कंटेंट की बढ़ती घटनाओं को समझें। साथ ही वायरल ट्रेंड भले ही चौंका देने वाले होते हैं लेकिन सच अक्सर उनसे बिल्कुल अलग निकलता है।
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