किरेन रिजिजू और पूर्व विदेश सचिव का खरगे की H1B टिप्पणी पर कांग्रेस पर तीखा पलटवार

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किरेन रिजिजू और पूर्व विदेश सचिव का खरगे की H1B टिप्पणी पर कांग्रेस पर तीखा पलटवार
kiren rijiju and former foreign secretary slams congress over kharge remark on h1b

राजनीति पर राष्ट्रीय हित भारी: रिजिजू का कांग्रेस पर तीखा प्रहार, सिब्बल के सुर में सुर

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पर तीखा पलटवार करते हुए, पूर्व विदेश सचिव कंवल सिब्बल के बयानों का हवाला दिया है। रिजिजू का यह जवाब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के उस बयान पर आया है, जिसमें उन्होंने H-1B वीजा पर अमेरिकी सख्ती के लिए सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जिम्मेदार ठहराया था। रिजिजू ने जोर देकर कहा कि राजनीति के लिए भले ही मंच खुला हो, लेकिन जब बात देश के हितों की आती है, तो एकजुट होकर भारत के लिए बोलना हर किसी की जिम्मेदारी है।

खड़गे का आरोप: ‘गले मिलना’ और ‘खोखले नारे’ विदेश नीति नहीं

मल्लिकार्जुन खड़गे ने H-1B वीजा नियमों पर पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कड़े रुख को निशाना बनाते हुए कहा था कि यह पीएम मोदी को ट्रंप से मिले जन्मदिन के फोन कॉल का ‘उपहार’ था। उन्होंने मोदी और ट्रंप की ‘पुरानी दोस्ती’ पर कटाक्ष करते हुए कहा था कि केवल ‘गले मिलना’ और ‘खोखले नारे’ विदेश नीति का निर्माण नहीं करते। खड़गे के अनुसार, सच्ची विदेश नीति राष्ट्रीय हितों की रक्षा करना और समझदारी व संतुलन के साथ रिश्तों को निभाना है।

पूर्व विदेश सचिव की खरी-खरी: ट्रंप को मोदी के खिलाफ ढाल न बनाएं

कांग्रेस अध्यक्ष के आरोपों पर पूर्व विदेश सचिव कंवल सिब्बल ने तीखे तेवर दिखाते हुए एक एक्स पोस्ट में कहा कि विदेशी दबाव के सामने एकजुट होने के बजाय, पीएम मोदी को दोष देना भारत के प्रतिरोध को कमजोर करता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ट्रंप का व्यवहार उनके सहयोगियों सहित सभी के साथ अक्सर कठोर रहा है। सिब्बल ने एक सीधा सवाल दागा, “क्या विपक्ष अमेरिका द्वारा हमारी विदेश नीति के विकल्पों को निर्देशित करने की कोशिशों को नकार रहा है?” उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारत ने पाकिस्तान की तरह ट्रंप की सद्भावना पाने के लिए व्यापारिक सौदे नहीं किए।

सिब्बल ने आगे कहा कि यदि ट्रंप अपने समर्थकों को खुश करने के लिए अमेरिका की स्थापित नीतियों को रद्द करने का निर्णय लेते हैं, तो यह केवल भारत की समस्या नहीं है। उन्होंने विपक्ष से आग्रह किया कि घरेलू राजनीति के लिए एक गंभीर बाहरी मुद्दे का फायदा उठाने का प्रयास करना अनुचित है। सिब्बल ने कहा, “विदेशी दबाव के खिलाफ आंतरिक एकजुटता, उपहास के बजाय, राष्ट्रीय स्तर पर अधिक सहायक साबित होगी।”

किरेन रिजिजू ने सिब्बल की पोस्ट को साझा करते हुए, उन्हें एक ‘अत्यधिक बौद्धिक और विद्वान राजनयिक’ बताया, जिनकी राय हमेशा तीखी और प्रासंगिक होती है। रिजिजू ने कहा कि वह सिब्बल के उस दर्द को भली-भांति समझ सकते हैं, जिसने उन्हें कांग्रेस अध्यक्ष को यह ‘उत्कृष्ट सलाह’ देने के लिए प्रेरित किया।

H-1B वीजा: भारत की चिंताएं और अमेरिकी शुल्क वृद्धि

H-1B वीजा के नए नियमों में भारी शुल्क वृद्धि शामिल है, जिसका भारतीय तकनीकी विशेषज्ञों की एक बड़ी संख्या पर सीधा असर पड़ेगा। भारत सरकार ने इस कदम को ‘मानवीय परिणामों’ और ‘परिवारों के लिए व्यवधान’ पैदा करने वाला बताया है और उम्मीद जताई है कि अमेरिकी अधिकारी इन मुद्दों का उचित समाधान निकालेंगे।


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