ट्रंप की बड़ी कूटनीतिक सफलता: इज़राइल-लेबनान के बीच बढ़ा युद्धविराम, क्या अब वाशिंगटन में होगा ऐतिहासिक मिलन?
मध्य पूर्व में दशकों से जारी तनाव को थामने की दिशा में एक बड़ी कूटनीतिक कामयाबी मिली है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि इज़राइल और लेबनान मौजूदा युद्धविराम (सीज़फ़ायर) को तीन और हफ़्तों के लिए बढ़ाने पर सहमत हो गए हैं। व्हाइट हाउस के ओवल ऑफ़िस में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद, ट्रंप ने इस फैसले को “अहम और ऐतिहासिक” करार दिया। अमेरिकी राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि यह महत्वपूर्ण निर्णय वाशिंगटन में दोनों पक्षों के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच हुई गहन चर्चा का परिणाम है।
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व्हाइट हाउस में पत्रकारों को संबोधित करते हुए 79 वर्षीय रिपब्लिकन नेता ने एक बड़ा संकेत दिया। उन्होंने कहा कि इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और लेबनानी राष्ट्रपति जोसेफ़ आउन अगले कुछ हफ़्तों में वाशिंगटन में आमने-सामने मिल सकते हैं। दोनों नेताओं को “महान व्यक्ति” बताते हुए ट्रंप ने कहा कि पड़ोसी होने के बावजूद ये दोनों नेता कभी एक-दूसरे से नहीं मिले हैं, जो कि अपने आप में हैरान करने वाला है।
ट्रंप ने बैठक के विवरण साझा करते हुए कहा, “लेबनान और इज़राइल के शीर्ष अधिकारियों के साथ हमारी एक शानदार चर्चा हुई। मुझे पूरी उम्मीद है कि लेबनान के राष्ट्रपति और इज़राइल के प्रधानमंत्री अगले कुछ हफ़्तों में यहाँ (व्हाइट हाउस) मौजूद होंगे।”
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उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रूबियो की मौजूदगी में ट्रंप ने आगे कहा, “दोनों पक्ष अगले तीन हफ़्तों तक गोलीबारी न करने, यानी सीज़फ़ायर पर राजी हुए हैं। हम उम्मीद करते हैं कि यह प्रभावी रहेगा। हालाँकि, यह सिर्फ सरकारों के बीच की बात नहीं है, हमें अभी भी हिज़्बुल्लाह की चुनौतियों पर विचार करना होगा।”
इज़राइल और लेबनान ने जताया ट्रंप का आभार
युद्धविराम की इस सफलता के लिए इज़राइल और लेबनान दोनों ने ट्रंप की मध्यस्थता की सराहना की है। अमेरिका में इज़राइल के राजदूत येचिएल लीटर ने विश्वास जताया कि ये दोनों पड़ोसी देश अब भविष्य में अपने संबंधों और शांति को औपचारिक रूप दे सकते हैं।
वहीं, लेबनान की राजदूत नाडा हमादेह मोअवाद ने भी राष्ट्रपति ट्रंप का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सहयोग से वे ‘लेबनान को फिर से महान’ बना सकते हैं। उनकी यह टिप्पणी ट्रंप के प्रसिद्ध नारे ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’ की ओर एक स्पष्ट इशारा मानी जा रही है।
हिज़्बुल्लाह पर कड़ा रुख: निहत्था करने की अपील
भले ही युद्धविराम की अवधि तीन हफ्ते बढ़ गई है, लेकिन इज़राइल ने लेबनान के सामने एक स्पष्ट शर्त रखी है। इज़राइल ने लेबनान से हिज़्बुल्लाह को निहत्था करने की अपील करते हुए इसे शांति की राह में सबसे बड़ी “बाधा” बताया है। इज़राइल का कहना है कि लेबनान का भविष्य तभी सुरक्षित है जब वह “संप्रभुता, स्वतंत्रता और ईरानी प्रभाव से मुक्त” हो।
इसी सुर में सुर मिलाते हुए ट्रंप ने भी कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान को हिज़्बुल्लाह को दी जाने वाली अपनी फंडिंग तुरंत बंद करनी होगी। ट्रंप के अनुसार, इस क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करने के लिए यह कदम उठाना बेहद “ज़रूरी” है।
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