बुलंदशहर में बनेगा गंगा तटीय धार्मिक स्थलों का कॉरिडोर, पर्यटन विभाग ने 70 किमी क्षेत्र में शुरू किया सर्वे

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PEEYUSH UPADHYAY
पीयुष उपाध्याय एक अनुभवी समाचार संपादक हैं, जो Aware Media Network के लिए देश-दुनिया की प्रमुख खबरों, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग सुनिश्चित करते हैं। उनका अनुभव...
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बुलंदशहर की स्याना, अनूपशहर और डिबाई तहसीलों में गंगा किनारे स्थित महाभारतकालीन, पौराणिक और ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों को एक कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। पर्यटन विभाग की तीन टीमें 70 किलोमीटर के क्षेत्र में सर्वे कर रही हैं। सर्वे के बाद विस्तृत कार्ययोजना और एस्टीमेट तैयार किया जाएगा।

तीन तहसीलों के धार्मिक स्थलों को जोड़ने की तैयारी

बुलंदशहर जिले की स्याना, अनूपशहर और डिबाई तहसीलों में गंगा तट के आसपास कई पौराणिक और ऐतिहासिक धार्मिक स्थल मौजूद हैं। इन स्थलों को एक श्रृंखला के रूप में विकसित कर धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की योजना पर काम शुरू हो गया है। इसके तहत पर्यटन विभाग ने मौके पर सर्वे की प्रक्रिया शुरू की है।

कॉरिडोर बनने से इन धार्मिक स्थलों को बेहतर सड़क, पहुंच मार्ग और श्रद्धालुओं के लिए जरूरी सुविधाओं से जोड़ने की योजना है।

70 किलोमीटर क्षेत्र में तीन टीमें कर रहीं सर्वे

पर्यटन विभाग की तीन टीमें गंगा नदी के करीब 70 किलोमीटर क्षेत्र में सर्वे कर रही हैं। टीमों का फोकस धार्मिक स्थलों की मौजूदा स्थिति, श्रद्धालुओं की संख्या, उपलब्ध सुविधाओं और विकास की संभावनाओं को समझने पर है।

सर्वे पूरा होने के बाद विभाग की ओर से विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इसके आधार पर एस्टीमेट बनाया जाएगा। संबंधित स्तर से स्वीकृति मिलने के बाद कॉरिडोर के विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा।

मांडव ऋषि आश्रम और बसी बांगर में भी सर्वे

सर्वे के दौरान पर्यटन विभाग की एक टीम मांडव ऋषि आश्रम पहुंची और स्थानीय लोगों से बातचीत कर स्थल से जुड़ी जानकारी जुटाई। दूसरी टीम ने बसी बांगर स्थित गंगा घाट का सर्वे किया।

तीसरी टीम कर्णवास स्थित महर्षि दयानंद स्मारक स्थल पहुंची। यहां भी स्थल की स्थिति और श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया गया।

टीमें स्थानीय लोगों से धार्मिक स्थलों के इतिहास और वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी भी जुटा रही हैं।

पहले भी हो चुके हैं विकास कार्य

धार्मिक स्थलों की इस श्रृंखला को कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की मांग को लेकर वर्ष 2023 में अभियान शुरू किया गया था। इसके बाद श्रृंखला के अंतर्गत सड़क चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण पर करीब 100 करोड़ रुपये तथा धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण पर करीब 20 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की जानकारी दी गई है।

अब पर्यटन विभाग के सर्वे के जरिए इन स्थलों के व्यापक विकास की योजना तैयार की जा रही है।

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद तेज हुई प्रक्रिया

बताया गया है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने धार्मिक स्थलों की श्रृंखला को कॉरिडोर के रूप में विकसित करने के लिए पर्यटन विभाग को व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद विभाग ने सर्वे की प्रक्रिया शुरू की है।

सर्वे रिपोर्ट के आधार पर यह तय किया जाएगा कि किन स्थानों पर किस तरह के विकास कार्यों की जरूरत है और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए किन परियोजनाओं को शामिल किया जाना है।

धार्मिक पर्यटन को मिल सकती है नई दिशा

कॉरिडोर की योजना को मंजूरी मिलने और प्रस्तावित विकास कार्य पूरे होने के बाद स्याना, अनूपशहर और डिबाई क्षेत्र के गंगा तटीय धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं बढ़ सकती हैं। बेहतर संपर्क मार्ग, घाटों का विकास और अन्य सुविधाएं धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने में मदद कर सकती हैं।

फिलहाल पर्यटन विभाग के सर्वे और विस्तृत कार्ययोजना तैयार होने के बाद ही कॉरिडोर की अंतिम रूपरेखा और बजट स्पष्ट होगा।


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पीयुष उपाध्याय एक अनुभवी समाचार संपादक हैं, जो Aware Media Network के लिए देश-दुनिया की प्रमुख खबरों, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग सुनिश्चित करते हैं। उनका अनुभव पत्रकारिता में 7+ वर्षों का है और वे निष्पक्ष, भरोसेमंद और समय पर समाचार प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कई पुरस्कार और मान्यता प्राप्त की है, जिनमें 2022 में “Best Investigative Journalist” और 2021 में “Top 10 Editors in Uttarakhand” शामिल हैं।
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