प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को असम के दरांग में एक नई गाथा लिखी। उन्होंने न केवल हजारों करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया, बल्कि एक भव्य जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर सीधे और तीखे प्रहार किए। इस दौरान, उन्होंने हाल ही में सफलतापूर्वक चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की उपलब्धि को मां कामाख्या के पावन आशीर्वाद का प्रत्यक्ष फल बताया, जिससे क्षेत्र में एक सकारात्मक लहर दौड़ गई।
प्रधानमंत्री मोदी का कांग्रेस पर वज्र प्रहार: इतिहास से वर्तमान तक
प्रधानमंत्री मोदी ने भूपेन हजारिका को ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किए जाने के प्रसंग को उठाते हुए कांग्रेस पर तीव्र रोष व्यक्त किया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस दिन महान भूपेन हजारिका को देश के सर्वोच्च सम्मान से नवाज़ा गया, उसी दिन कांग्रेस अध्यक्ष ने कथित तौर पर टिप्पणी की थी कि मोदी ‘नाचने-गाने वालों को’ भारत रत्न दे रहे हैं – एक ऐसा बयान जिसने संगीत प्रेमियों और राष्ट्रवादियों को आहत किया।
इतना ही नहीं, प्रधानमंत्री ने 1962 के युद्ध के बाद पंडित नेहरू के उस ऐतिहासिक बयान की टीस को भी फिर से उभारा, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर नॉर्थ-ईस्ट को ‘छोड़ देने’ की बात कही थी। मोदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की वर्तमान पीढ़ी आज भी उस गहरे घाव पर नमक छिड़कने का काम कर रही है, जिससे क्षेत्र की दशकों पुरानी पीड़ा और बढ़ रही है।
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घुसपैठ, आतंकवाद और देशद्रोह: कांग्रेस पर पीएम के तीखे वार
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर देशविरोधी ताकतों और घुसपैठियों का खुलकर पक्ष लेने के सनसनीखेज आरोप लगाए। उन्होंने कहा, ‘जब कांग्रेस सत्ता में थी, तो उसने योजनाबद्ध तरीके से घुसपैठ को बढ़ावा दिया, और आज वही कांग्रेस चाहती है कि ये घुसपैठिए स्थायी रूप से भारत की धरती पर बस जाएं।’ मोदी ने यह भी रेखांकित किया कि जब पूरा देश आतंकवाद की आग में झुलस रहा था, तब कांग्रेस मौन साधकर बैठी थी, जबकि आज हमारी सशक्त सेना ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसी मुहिम चलाकर आतंकवाद की जड़ें उखाड़ रही है। विडंबना यह है कि ऐसे समय में भी कांग्रेस पाकिस्तान के सुर में सुर मिलाती नज़र आती है।
असम के भविष्य का शिलान्यास: 6,300 करोड़ की महा-परियोजनाएं
इस ऐतिहासिक अवसर पर, प्रधानमंत्री मोदी ने असम के विकास को नई उड़ान देने वाली कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इन परियोजनाओं में 570 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला अत्याधुनिक मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज और जीएनएम स्कूल शामिल है, जो क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करेगा। इसके अतिरिक्त, उन्होंने 1,200 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले 2.9 किलोमीटर लंबे नारेंगी-कुरुवा पुल और 4,530 करोड़ रुपये की भव्य गुवाहाटी रिंग रोड परियोजना का भी शिलान्यास किया। यह महत्वपूर्ण रिंग रोड असम के कामरूप और दरांग जिलों को पड़ोसी राज्य मेघालय के री भोई से सहजता से जोड़ेगी, जिससे व्यापार और कनेक्टिविटी को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा।
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