भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस ने अंकिता हत्याकांड में तथाकथित “वीआईपी” का मुद्दा तो उठाया, लेकिन उचित समय पर सबूत पेश करने को कहे जाने पर पीछे हट गई। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस इस मामले को लेकर गंभीर होती, तो वह अदालत के सामने अपना बयान और सबूत पेश कर सकती थी। उस समय डीजीपी ने एक जन अपील जारी कर “वीआईपी” के बारे में जानकारी रखने वाले किसी भी व्यक्ति से आगे आने का आग्रह किया था।
उन्होंने कहा, न तो तब किसी ने ऐसा किया, न ही अब कोई कर रहा है। अंकिता के इर्द-गिर्द अनावश्यक साजिश की थ्योरी गढ़कर कांग्रेस दिवंगत लड़की की आत्मा का भी अपमान कर रही है। उन्होंने आगे कहा, एक अपुष्ट वायरल वीडियो के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसमें इसे छेड़छाड़ किया गया बताया गया है, फिर भी कांग्रेस इसे राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की कोशिश कर रही है। जिस महिला का ऑडियो वायरल हुआ है, उसका आपराधिक रिकॉर्ड अच्छा है और उस पर राजनीतिक मकसद होने का आरोप है। इसके बावजूद, कांग्रेस राजनीतिक लाभ के लिए विवाद खड़ा करने की कोशिश कर रही है।
सांसद भट्ट ने कहा कि चुनाव से पहले कांग्रेस एक बार फिर अपनी नाकामियों से ध्यान हटाने के लिए “वीआईपी” का मुद्दा उठा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को बयानबाजी करने के बजाय तथाकथित वीआईपी की स्पष्ट पहचान बतानी चाहिए और यह स्पष्ट करना चाहिए कि उसने अदालत को यह जानकारी क्यों नहीं दी। उन्होंने अंकिता मामले में कांग्रेस को असली दोषी बताया और कहा कि जनता ने भाजपा को अंकिता के लिए न्याय की लड़ाई लड़ने का आशीर्वाद दिया है। उन्होंने कांग्रेस से गलत सूचनाओं पर आधारित आरोपों की राजनीति से बचने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले का स्वतः संज्ञान लिया और यह सुनिश्चित किया कि आरोपियों को 24 घंटे के भीतर हिरासत में ले लिया जाए। उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस ने पहले भी इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने की कोशिश की थी और असफल रही थी, इसलिए उसे एक बार फिर इसके परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहना चाहिए।
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