निश्चित रूप से, यहाँ उस लेख का एक नया, अधिक आकर्षक और रोचक रूप है, बिना उसकी मूल सामग्री और लंबाई में बदलाव किए:
देश के राजनीतिक गलियारों में इन दिनों एक नई बहस छिड़ गई है, जिसके केंद्र में हैं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी। भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने शनिवार को उनकी अनुपस्थिति पर तीखा प्रहार किया, विशेषकर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन के शपथ ग्रहण समारोह से उनकी गैरमौजूदगी को लेकर। ठाकुर ने सीधे शब्दों में आरोप लगाया कि राहुल गांधी अब “भारत विरोधी नेता” बन गए हैं, और विडंबना यह है कि जहाँ उनकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत होती है, वे वहाँ कहीं नहीं दिखते। पत्रकारों से मुखातिब होते हुए ठाकुर ने अपनी बात को और स्पष्ट किया: “जब संसद का सत्र चल रहा होता है, तो विपक्ष के नेता उसमें शामिल नहीं होते। जब स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है, तो विपक्ष के नेता लाल किले पर आयोजित समारोह में नज़र नहीं आते। और अब, नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह से भी वे नदारद रहे।”
इसे भी पढ़ें: बीरेन सिंह का बड़ा बयान, मणिपुर को शांति-प्रगति की राह पर ले जाएगा PM मोदी का दौरा
ठाकुर ने अपने प्रहार को और गहरा करते हुए कहा कि जिस जनता ने पहले दस साल तक किसी नेता को नेता नहीं माना, उसी ने अब तीसरी बार उन्हें नेता प्रतिपक्ष का पद दिया है। परंतु वे इस भूमिका को निभाते हुए एक “भारत विरोधी नेता” में तब्दील हो गए हैं। उनकी उपस्थिति वहाँ शून्य है, जहाँ राष्ट्र को उनकी आवश्यकता है, जबकि भारत-विरोधी गतिविधियों में वे सबसे आगे खड़े नज़र आते हैं। इसी बीच, शुक्रवार को भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने भी कांग्रेस पर ज़ोरदार हमला बोला। उन्होंने बिहार कांग्रेस द्वारा एक एआई-जनरेटेड वीडियो पोस्ट करने के बाद पार्टी पर “मानसिक संतुलन खोने” का आरोप लगाया। इस आपत्तिजनक वीडियो में कथित तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत माँ से मिलते-जुलते दो किरदार प्रदर्शित किए गए थे, जिसने विवाद को जन्म दिया।
शर्मा ने अपने आरोपों को दोहराते हुए कहा कि कांग्रेस पूरी तरह से अपना मानसिक संतुलन खो चुकी है। उनके अनुसार, कांग्रेस नेता प्रधानमंत्री मोदी की छवि को धूमिल करने के लिए लगातार अपमानजनक शब्दों का प्रयोग कर रहे हैं। उन्होंने सीधे राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि संवैधानिक संस्थाओं का अपमान करना अब उनका ‘नित्यकर्म’ बन गया है, जिसका नवीनतम उदाहरण उपराष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह में उनकी अनुपस्थिति थी, जबकि वे विपक्ष के महत्त्वपूर्ण नेता हैं। इन सियासी घमासान के बीच, शुक्रवार शाम को उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने राज्यसभा के सभापति के रूप में अपना पदभार संभाला। राष्ट्रपति भवन में एक गरिमामयी समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें पद की शपथ दिलाई, जो देश के लोकतंत्र के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण था।
इसे भी पढ़ें: मलेशिया जाने का समय है लेकिन… उपराष्ट्रपति के शपथग्रहण में राहुल गांधी की गौरमौजूदगी पर बीजेपी ने कसा तंज
शपथ ग्रहण समारोह संपन्न होने के उपरांत, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी, पंडित दीन दयाल उपाध्याय और किसान नेता चौधरी चरण सिंह की समाधि पर श्रद्धासुमन अर्पित कर अपनी विनम्रता का परिचय दिया। तत्पश्चात्, वे संसद भवन परिसर पहुँचे, जहाँ केंद्रीय मंत्रियों, उपसभापति हरिवंश और राज्यसभा के महासचिव ने गर्मजोशी से उनका अभिनंदन किया।
Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
