मथुरा: भारत के हृदय में स्थित, आस्था और आध्यात्म का पावन धाम, श्री बांके बिहारी मंदिर, अब अपने भक्तों के लिए एक नए और अधिक समावेशी युग की शुरुआत कर रहा है। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर गठित उच्चाधिकार प्राप्त प्रबंधन समिति ने शुक्रवार को एक ऐतिहासिक घोषणा करते हुए दर्शन व्यवस्था में व्यापक सुधारों का खाका पेश किया है। इन सुधारों का सबसे बड़ा आकर्षण? अब किसी भी भक्त को दर्शन के लिए वीआईपी पास की आवश्यकता नहीं होगी – यह सुविधा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है।
इसे भी पढ़ें: संसद से लेकर राष्ट्रपति भवन तक, Gen Z प्रोटेस्ट के दौरान नेपाल की इन इमारतों को पहुंचा नुकसान
वीआईपी की ‘अहमियत’ खत्म, अब सब समान
जिला सूचना अधिकारी द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, ‘ठाकुर जी’ के दर्शनों के लिए अब प्राथमिकता वाली वीआईपी पर्ची खरीदने का दौर थम गया है। मंदिर के गर्भगृह के पास बना वीआईपी घेरा भी हटा दिया जाएगा, जिससे कोई भी भक्त खुद को विशेष महसूस न कर सके। यह क्रांतिकारी कदम सुनिश्चित करेगा कि प्रत्येक भक्त को अब एक ही कतार में लगकर अपनी बारी का इंतज़ार करना होगा। इससे न केवल समानता सुनिश्चित होगी, बल्कि भीड़भाड़, पक्षपात और ‘खास’ व्यवहार के सभी आरोप अतीत की बात बन जाएंगे।
सुगम दर्शन के लिए व्यवस्थित प्रवेश और सुरक्षा का नया दौर
अगले तीन दिनों के भीतर, भक्तों के सुगम आवागमन को सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) विशेष प्रवेश और निकास द्वारों का निर्धारण करेंगे। यह व्यवस्था दर्शन प्रक्रिया को और अधिक सुव्यवस्थित बनाएगी। इसके साथ ही, मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था में भी बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब यह जिम्मेदारी पुलिस और निजी गार्डों के बजाय पूर्व सैनिकों या अनुभवी पेशेवर सुरक्षा एजेंसियों को सौंपी जाएगी, जिससे मंदिर परिसर में अधिक अनुशासन और बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।
इसे भी पढ़ें: सुप्रीम कोर्ट में फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर लगा प्रतिबंध, मीडियाकर्मियों के लिए भी नए नियम जारी
दर्शन का समय बढ़ा, वर्चुअल माध्यम से भी मिलेंगे ‘ठाकुर जी’ के दर्शन
दूर-दराज से आने वाले भक्तों और स्थानीय श्रद्धालुओं के लिए मंदिर अब अधिक समय तक खुला रहेगा। गर्मियों के महीनों में दर्शन का समय तीन घंटे अतिरिक्त बढ़ाया जाएगा, जबकि सर्दियों में यह अवधि दो घंटे पैंतालीस मिनट तक बढ़ा दी जाएगी, जिससे अधिक से अधिक भक्त ठाकुर जी का आशीर्वाद प्राप्त कर सकें। यही नहीं, जल्द ही दर्शन की लाइव-स्ट्रीमिंग भी शुरू की जाएगी, जिससे दुनिया भर में बैठे भक्त अपने घरों से ही वर्चुअल माध्यम से ठाकुर जी के दिव्य दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त कर सकेंगे।
पारदर्शिता की ओर कदम: गहन लेखापरीक्षा और संरचनात्मक समीक्षा
समिति ने मंदिर की पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। मंदिर भवन की सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करने हेतु प्रतिष्ठित आईआईटी रुड़की द्वारा एक संरचनात्मक लेखापरीक्षा (Structural Audit) कराई जाएगी। इसके अतिरिक्त, 2013 और 2016 के बीच हुई कथित वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं की गहराई से समीक्षा के लिए एक विशेष लेखापरीक्षा भी की जाएगी, जिसकी रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर आने की उम्मीद है। मंदिर की सभी चल और अचल संपत्तियों की सटीक पहचान और उनके मूल्य निर्धारण के लिए एक व्यापक मूल्यांकन भी किया जाएगा, ताकि सब कुछ स्पष्ट और व्यवस्थित रहे।
Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
