बरेली में बवाल के बाद पुलिस का एक्शन तेज: मौलाना तौकीर रजा के करीबी डॉ. नफीस हिरासत में, 81 गिरफ्तार
बरेली, 1 अक्टूबर 2025: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में 26 सितंबर को हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है। इसी कड़ी में, पुलिस ने मौलाना तौकीर रजा के एक और करीबी माने जाने वाले डॉ. नफीस को हिरासत में लिया है। बरेली एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि डॉ. नफीस और उनके बेटे को गिरफ्तार कर लिया गया है। पूछताछ में यह बात सामने आई है कि वे भी इस साजिश में शामिल थे और उन्होंने जानबूझकर अपील को फर्जी बताकर भ्रम फैलाने का काम किया, ताकि भीड़ इकट्ठा हो सके। ‘आई लव मुहम्मद’ विवाद और बरेली हिंसा को लेकर अब तक कुल 81 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
मुठभेड़ के बाद दो आरोपी गिरफ्तार, पुलिस हिरासत में इलाज जारी
इससे पहले, बरेली हिंसा में कथित तौर पर शामिल दो लोगों को बुधवार को सीबीगंज इलाके में पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी गोली लगने से घायल हो गए और फिलहाल पुलिस हिरासत में उनका इलाज चल रहा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अनुराग आर्य ने बताया कि दोनों आरोपी – इदरीस और इकबाल, मूल रूप से शाहजहांपुर जिले के निवासी हैं। दोनों कोतवाली इलाके में हुई हिंसा में सक्रिय रूप से शामिल थे। एसएसपी ने बताया कि पुलिस के साथ मुठभेड़ के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया। मुठभेड़ के दौरान दोनों को गोली लगी और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
आपराधिक रिकॉर्ड वाले आरोपियों के पास से छीनी गई सरकारी बंदूक बरामद
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। इदरीस के खिलाफ चोरी, डकैती, गैंगस्टर एक्ट और हथियार कानून समेत 20 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि इकबाल पर इसी तरह के आरोपों में करीब 17 मामले दर्ज हैं। एसएसपी आर्य ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से एक सरकारी बंदूक बरामद की गई है, जो हिंसा के दौरान पुलिसकर्मियों से छीनी गई थी। इसके अलावा, घटनास्थल से .315 बोर की दो अवैध देसी पिस्तौलें, कारतूस और कारतूस भी बरामद किए गए हैं। उन्होंने बताया कि दोनों आरोपी इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (IMC) के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खान के सहयोगी नदीम खान के संपर्क में थे, जो पहले से ही जेल में है।
निर्दोषों को परेशान नहीं किया जाएगा: एसएसपी
एसएसपी अनुराग आर्य ने पुलिसिया कार्रवाई के दौरान यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति को परेशान या अनुचित दबाव में नहीं डाला जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर किसी को कोई चिंता या शिकायत है, तो वह तुरंत पुलिस या स्थानीय अधिकारियों से संपर्क करे। साथ ही, उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि किसी भी दोषी व्यक्ति को, चाहे वह किसी भी पद पर क्यों न हो, बख्शा नहीं जाएगा। मंगलवार को, पुलिस ने एक अलग मुठभेड़ के बाद हिंसा के सिलसिले में एक और संदिग्ध को गिरफ्तार किया था।
क्या है पूरा मामला?
बीते शुक्रवार (26 सितंबर) को जुमे की नमाज़ के बाद कोतवाली इलाके में एक मस्जिद के बाहर 2,000 से ज्यादा लोगों की भीड़ जमा हो गई थी, जिसके बाद पथराव हुआ और पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। यह उग्र प्रदर्शन ‘आई लव मुहम्मद’ पोस्टर विवाद को लेकर किया गया था। इसकी शुरुआत मौलाना तौकीर रजा खान की ओर से बुलाए गए प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को रद्द करने के बाद हुई थी। इस हिंसा को लेकर पुलिस ने अब तक 180 नामजद और 2,500 अज्ञात लोगों के खिलाफ 10 प्राथमिकी दर्ज की हैं और खान, उनके सहयोगियों और दर्जनों अन्य लोगों को गिरफ्तार किया है। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी दंगाइयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
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