बिहार रण: चुनावी शोर थमा, अब EVM में कैद होगी 1302 उम्मीदवारों की किस्मत!
बिहार विधानसभा चुनावों का बिगुल दूसरे और अंतिम चरण के साथ शनिवार शाम थम गया है। अब राज्य के 20 जिलों की 122 सीटों पर चुनावी सभाएं, रैलियां और रोड शो पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे, जिससे राजनीतिक पारा एक नए स्तर पर पहुंच गया है।
पहले चरण में 6 नवंबर को हुई वोटिंग ने 65% के रिकॉर्ड मतदान के साथ अपनी छाप छोड़ी थी। वहीं, दूसरे और अंतिम चरण के लिए 11 नवंबर को जनता अपने मताधिकार का प्रयोग करेगी, जिसमें 1302 उम्मीदवारों का भविष्य EVM में सील हो जाएगा। 14 नवंबर को परिणाम घोषित होते ही बिहार की सत्ता का समीकरण स्पष्ट हो जाएगा।
महागठबंधन से तेजस्वी, NDA से सम्राट और विजय: दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर!
दूसरे चरण की चुनावी जंग बेहद रोमांचक होने वाली है, क्योंकि इसमें कई दिग्गज नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार और राजद के युवा तुर्क तेजस्वी प्रसाद यादव इसी चरण में अपना भाग्य आजमा रहे हैं। दूसरी ओर, NDA के प्रमुख चेहरे, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा भी चुनावी मैदान में डटे हुए हैं।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल के 16 मंत्री, जिनमें उप-मुख्यमंत्री भी शामिल हैं, इस बार अपनी सीट बचाने के लिए जोर-आजमाइश कर रहे हैं।
इस चरण में कुछ खास सीटों पर सबकी निगाहें टिकी रहेंगी: तेजस्वी यादव की राघोपुर, जदयू मंत्री सुमित कुमार सिंह की चकई, भाजपा विधायक श्रेयसी सिंह की जमुई, जदयू मंत्री लेशी सिंह की धमदाहा और भाजपा मंत्री नीरज कुमार सिंह की छातापुर।
20 जिलों में फैलेगा चुनावी रंग!
दूसरे चरण का मतदान पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, बांका, जमुई, गया, औरंगाबाद, जहानाबाद, अरवल, कैमूर, नवादा और रोहतास जिलों में होगा। ये वो जिले हैं जो बिहार के भविष्य की दिशा तय करेंगे।
Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
