राष्ट्र-निर्माता हेडगेवार को भारत रत्न: एक ऐतिहासिक मांग
भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर एक महत्वपूर्ण मांग उठाई है: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के संस्थापक, केशव बलिराम हेडगेवार को मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया जाए। सिद्दीकी ने पत्र में हेडगेवार को एक असाधारण स्वतंत्रता सेनानी और राष्ट्र-निर्माता बताया है, जिनके अद्वितीय योगदान और युवा पीढ़ी में देशभक्ति की भावना जगाने के अथक प्रयासों को सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा जाना चाहिए।
“यह एक मामूली पुरस्कार है, पर भावनाएं अनमोल”
सिद्दीकी ने कहा, “डॉ. हेडगेवार को सच्चा सम्मान तभी मिलेगा जब भारत सरकार और देशवासी मिलकर उन्हें भारत रत्न प्रदान करें। यह उनके प्रति एक सच्ची श्रद्धांजलि होगी। मैं मानता हूँ कि उनकी उपलब्धियों की तुलना में यह पुरस्कार शायद मामूली हो, लेकिन जिस प्रकार किसी महान व्यक्तित्व के चरणों में बिना मूल्य आंके फूल चढ़ाए जाते हैं, उसी प्रकार भावनाएं अधिक महत्वपूर्ण होती हैं।”
देशव्यापी जनभावना का प्रतिबिंब
उन्होंने आगे कहा, “इसी भावना के साथ, पूरा देश डॉ. हेडगेवार को भारत रत्न दिए जाने की कामना करता है। इसी विश्वास के साथ मैंने राष्ट्रपति मुर्मू को पत्र लिखकर यह अनुरोध किया है, और मुझे पूर्ण विश्वास है कि वे इस पर गंभीरता से विचार करेंगी।”
संघ के संस्थापक की गौरवशाली यात्रा
नागपुर में 1 अप्रैल 1889 को जन्मे केबी हेडगेवार ने 1925 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की स्थापना की थी। यह संगठन 2 अक्टूबर, विजयादशमी को अपने सौ वर्ष पूरे होने का ऐतिहासिक पड़ाव मनाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी आरएसएस के 100 साल के सफर को “राष्ट्र निर्माण” का सफर बताते हुए सराहना की है, और संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष दत्तात्रेय होसबोले ने इस अवसर पर कहा है कि संघ किसी का विरोधी नहीं है।
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