कफ सिरप का कहर: 2 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए जानलेवा, 11 मौतों के बाद सरकार का कड़ा रुख

By
Aware Media Network
Aware Media Network एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरें, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी...
- News Desk
3 Min Read
2 साल से कम के बच्चों को कफ सिरफ न पिलाएं, 11 बच्चों की मौत के बाद सरकार ने जारी की एडवाइजरी

कफ सिरप पर पहरा: मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में बच्चों की जानलेवा बीमारी के बाद डीजीएचएस की सख्त चेतावनी

मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र से सामने आई 11 बच्चों की हृदय विदारक मौतों ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) ने इस गंभीर स्थिति को देखते हुए छोटे बच्चों को कफ सिरप देने के खिलाफ तत्काल चेतावनी जारी की है।

छिंदवाड़ा में किडनी फेलियर का कहर, नौ बच्चों की मौत

मध्य प्रदेश का छिंदवाड़ा ज़िला पिछले दो हफ्तों से एक भयानक त्रासदी से गुजर रहा है। किडनी फेलियर के कारण नौ मासूमों की जान जा चुकी है। यह सिलसिला यहीं नहीं थमा। पड़ोसी राज्य राजस्थान के सीकर में भी हाल ही में एक ऐसी ही मौत ने स्वास्थ्य अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है। अब इस बात का गहरा संदेह है कि इन अंगों के फेल होने के दुखद मामलों का संबंध दूषित कफ सिरप के सेवन से है।

संदिग्ध सिरप और डॉक्टरों को निर्देश

मरने वाले नौ बच्चों में से कम से कम पाँच ने ‘कोल्ड्रेफ़’ का सेवन किया था, जबकि एक ने ‘नेक्सट्रो’ सिरप लिया था। इस गंभीर स्थिति के मद्देनजर, निजी डॉक्टरों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। अब किसी भी वायरल मरीज़ का निजी तौर पर इलाज करने के बजाय, उन्हें सीधे सिविल अस्पताल भेजा जा रहा है।

तत्काल कार्रवाई: सिरप की जांच और वितरण पर रोक

इन दुखद घटनाओं के बाद, डेक्सट्रोमेथॉर्फन हाइड्रोब्रोमाइड सिरप के विभिन्न बैचों की तत्काल जांच शुरू कर दी गई है। साथ ही, पूरे राज्य में इन सिरप के वितरण पर तत्काल रोक लगा दी गई है। फिलहाल, सर्दी, बुखार और फ्लू जैसे लक्षणों से प्रभावित 1,420 बच्चों की सूची पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय का बयान: नमूनों में कोई मिलावट नहीं

हालांकि, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण बयान जारी किया है। मंत्रालय के अनुसार, जिन कफ सिरप को इन मौतों के लिए जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, उनके नमूनों की जांच में किसी भी प्रकार की मिलावट नहीं पाई गई है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि जांच के नतीजों से यह पुष्टि हुई है कि सिरप में डायथिलीन ग्लाइकॉल (डीईजी) या एथिलीन ग्लाइकॉल (ईजी) जैसे खतरनाक रसायन मौजूद नहीं थे, जो किडनी को गंभीर नुकसान पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। इस विरोधाभासी रिपोर्ट ने मामले की जटिलता को और बढ़ा दिया है।


Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Share This Article
Follow:
Aware Media Network एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरें, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी संपादकीय टीम विश्वसनीय स्रोतों, आधिकारिक आंकड़ों और पत्रकारिता के नैतिक सिद्धांतों के आधार पर समाचार तैयार करती है। Aware Media Network का उद्देश्य निष्पक्ष, सटीक और समय पर जानकारी प्रदान करना है, ताकि पाठक जागरूक निर्णय ले सकें और समसामयिक घटनाओं को बेहतर ढंग से समझ सकें।
कोई टिप्पणी नहीं

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Exit mobile version