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BMC चुनाव परिणाम: संजय राउत का बड़ा हमला, मतदाता सूची और ईवीएम में गड़बड़ी के गंभीर आरोप
शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय राउत ने शुक्रवार को बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) चुनावों को लेकर एक बार फिर मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया के संचालन पर गंभीर सवाल उठाए हैं और मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर की गई अनियमितताओं, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) में तकनीकी खराबी तथा आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप लगाए हैं। परिणाम घोषित होने के बाद आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राउत ने जोर देकर कहा कि मुंबई में जिस तरह का मतदान पैटर्न देखने को मिला है, वह अत्यंत गंभीर मामला है।
मतदाता सूची से गायब वोटर
मुंबई की नगर निगम सभा के लिए हुए इन चुनावों में संजय राउत ने मतदाताओं के नाम सूची से गायब होने का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि उन क्षेत्रों में हजारों मतदाताओं के नाम मतदाता सूचियों से गायब पाए गए, जहां शिवसेना (यूबीटी), महाराष्ट्र नवीन निर्माण सेना (एमएनएस) और कांग्रेस को पारंपरिक रूप से मजबूत समर्थन प्राप्त है। राउत ने यह भी बताया कि हजारों ऐसे लोगों के नाम सूची से हटा दिए गए, जिन्होंने पिछले विधानसभा चुनावों में भी अपने मताधिकार का प्रयोग किया था।
ईवीएम में गड़बड़ी का दावा
चुनाव आयोग की मशीनों पर भी शिवसेना (यूबीटी) नेता ने निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मतदान केंद्रों पर ईवीएम में तकनीकी खराबी देखी गई। राउत ने विशिष्ट उदाहरण देते हुए कहा कि जहां मतदाताओं ने एनसीपी के लिए वोट बटन दबाया, वहां ईवीएम पर भाजपा की लाइट जल गई। इसी तरह, शिवसेना (यूबीटी) के मशाल चिन्ह और एमएनएस के इंजन चिन्ह के साथ भी वोटर्स को गलत संकेत दिखाए जाने की शिकायतें सामने आईं। राउत ने बताया कि उन्होंने चुनाव आयोग को बार-बार शिकायतें दीं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई और न ही कोई कार्रवाई की गई।
आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन?
राउत ने वरिष्ठ भाजपा नेताओं और मुंबई के नगर आयुक्त भूषण गगरानी के बीच हुई एक बैठक को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने इसे आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए कहा, "कल शाम करीब 6 बजे वरिष्ठ भाजपा नेताओं और मुंबई नगर आयुक्त के बीच बैठक हुई। ऐसा क्यों? आचार संहिता अभी भी लागू है। आप आयुक्त के साथ डेढ़ घंटे बैठे और क्या तय किया? क्या आपने आज के नतीजे पहले ही तय कर लिए?" उन्होंने इस पूरी मुलाकात पर गहरी नाराजगी जताई है।
एग्जिट पोल का समय और मीडिया की भूमिका
इसके अलावा, संजय राउत ने एग्जिट पोल के समय को लेकर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने पाया कि अधिकारिक रूप से मतदान प्रतिशत घोषित होने से पहले ही एग्जिट पोल के नतीजे जारी कर दिए गए थे। राउत ने कहा, "ये क्या हो रहा है? कुछ जगहों पर मतदान जारी रहने के दौरान ही एग्जिट पोल आ गए, लेकिन भाजपा से जुड़े मीडिया संस्थानों ने इन्हें एक-एक करके जारी करना शुरू कर दिया।" उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा नेता अपनी मनमानी जीत का जश्न मनाने पहले से ही तैयार थे। राउत ने इस पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठाते हुए कहा, "ये किस तरह का लोकतंत्र है?"
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