चक्रवात ‘मुरसु’ का तांडव: आंध्र प्रदेश में भारी तबाही, 2 की मौत और 52 हजार हेक्टेयर फसल बर्बाद

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Cyclone Murasu से आंध्र प्रदेश में भारी तबाही, 2 की मौत और 52 हजार हेक्टेयर फसल बर्बाद

अमरावती, तीन नवंबर: आंध्र प्रदेश में मंगलवार को भीषण चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ ने ऐसा तांडव मचाया कि कम से कम दो लोगों की जान चली गई, 52,000 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में लहलहाती फसलें पलभर में तबाह हो गईं और 300 से ज्यादा घर तथा बिजली का पूरा तंत्र तहस-नहस हो गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। महज एक हफ्ते के भीतर राज्य के तट से टकराने वाला यह दूसरा भयानक चक्रवात था।

मंगलवार तड़के जैसे ही यह तूफान तट से टकराया, इसने 15 जिलों में खड़ी फसलों को पानी में डुबो दिया। कृष्णा, बापटला और नंड्याल जिले इस आपदा से सबसे बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। चक्रवात के पहुंचने से पहले ही कई इलाकों में मूसलाधार से लेकर बेहद भारी बारिश का दौर शुरू हो चुका था।

प्रकृति के इस कहर से हजारों विशाल पेड़ उखड़ गए और बिजली के कुल 2,750 खंभे धराशायी हो गए। अधिकारियों ने बताया कि तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश के कारण बिजली पारेषण लाइनें, उपविद्युत केंद्र और बिजली वितरण से जुड़े अति-महत्वपूर्ण उपकरण बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रकाशम और बापटला जिलों में इस तबाही का सबसे भयंकर असर देखने को मिला है।

आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रबंध निदेशक प्रखर जैन ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि राज्य में चक्रवात से जुड़ी घटनाओं में कम से कम दो लोगों की मौत हो चुकी है तथा 12,230 लोग अपनी जान बचाने के लिए अब भी चक्रवात आश्रय स्थलों में शरण लिए हुए हैं। जैन ने बताया कि शुरुआती अनुमानों के अनुसार, इस चक्रवात से दक्षिणी राज्य को कम से कम 344 करोड़ रुपये का भारी नुकसान हुआ है और 52,459 हेक्टेयर क्षेत्र में फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। जैन ने यह भी बताया कि चक्रवात की चपेट में आने से 312 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं।

सरकार वर्तमान में 814 छोटे सिंचाई टैंकों पर कड़ी नजर रखे हुए है और उनमें से 776 टैंकों को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। प्रकाशम जिले में तटीय इलाकों में खड़ी कुछ मछली पकड़ने वाली नावें भी क्षतिग्रस्त हो गईं, जबकि राष्ट्रीय राजमार्गों पर वाहन जगह-जगह फंस गए।

भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण दृश्यता (विजिबिलिटी) इतनी कम हो गई कि वाहन चालकों को गाड़ी चलाने में भारी संघर्ष करना पड़ा। खराब मौसम के कारण यातायात पूरी तरह बाधित हो गया, जिससे कई जगहों पर यात्री बीच रास्ते में ही फंस गए। हालात यह रहे कि 35 से अधिक ट्रेनें रद्द करनी पड़ीं, 14 ट्रेनों के मार्ग बदलने पड़े, आठ ट्रेनों का समय फिर से निर्धारित करना पड़ा और कई उड़ानें भी पूरी तरह रद्द कर दी गईं।

दमकल विभाग ने उड़े हुए और उखड़े पेड़ों को रास्ते से हटाने तथा जगह-जगह जमा बाढ़ का पानी बाहर निकालने के लिए अपने 185 विशेष दल मैदान में उतार दिए हैं। इसके अलावा, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के 11 और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के 13 दल मुस्तैदी से राहत कार्यों में जुटे हुए हैं। इस चक्रवात का भयंकर असर 15 जिलों में फैले 132 मंडलों पर साफ दिखाई दे रहा है।

संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार ने 171 राहत शिविरों का पुख्ता इंतजाम किया है और अब तक 14,810 भोजन के पैकेट जरूरतमंदों के बीच बांटे जा चुके हैं। एहतियात के तौर पर 3,066 गर्भवती महिलाओं और 1,008 स्तनपान कराने वाली माताओं को सुरक्षित अस्पतालों में पहुंचाया गया है। सरकार ने एक आधिकारिक बयान में यह अहम जानकारी दी।

सरकार ने यह भी साझा किया कि स्थिति से निपटने के लिए 13 जिलों में 725 मेडिकल दल तैनात किए गए हैं और 362 एम्बुलेंस को पूरी तरह तैयार रखा गया है। सोमवार सुबह 8:30 बजे से मंगलवार सुबह 8:30 बजे के बीच अकेले बापटला में 22 सेंटीमीटर (सेमी) की अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा नरसापुर (20 सेमी), करमचेडु (16 सेमी), अड्डंकी (15 सेमी) और भीमवरम (13 सेमी) में भी बादलों ने जमकर कहर बरपाया और भारी बारिश दर्ज की गई।

मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने इस भीषण तूफान से निपटने के लिए ‘तत्काल मदद और एकजुटता’ दिखाने वास्ते केंद्र सरकार का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया। नायडू ने कहा कि युद्धस्तर पर बचाव और राहत कार्यों को अंजाम देने के लिए राज्य प्रशासन, केंद्रीय दलों के साथ मिलकर कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहा है। मुख्यमंत्री ने तूफान के असर से उबरने में समय पर मदद का हाथ बढ़ाने के लिए कर्नाटक के अपने समकक्ष डी.के. शिवकुमार और पड़ोसी राज्य की जनता को भी धन्यवाद दिया।

इस भीषण चक्रवाती तूफान के तीन नवंबर की आधी रात तक कमजोर पड़कर एक गहरे दबाव के क्षेत्र में तब्दील होने की पूरी संभावना है। हालांकि, मौसम विभाग ने बुधवार को भी तटीय आंध्र प्रदेश के कुछ चुनिंदा इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है।


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