अमरावती, तीन नवंबर। कुदरत का कहर उस वक्त टूट पड़ा जब गंभीर चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ ने मंगलवार तड़के आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। इस भीषण प्राकृतिक आपदा ने भारी तबाही मचाते हुए हजारों पेड़ों को धराशायी कर दिया, बिजली के सैकड़ों खंभों को मलबे में तब्दील कर दिया और मछुआरों की दर्जनों नौकाओं को क्षतिग्रस्त कर दिया। बापटला और प्रकाशम समेत कई जिलों में मूसलाधार बारिश और प्रचंड हवाओं ने फसलों को बर्बाद कर दिया है, जिससे कई इलाके जलमग्न हो गए हैं। प्रकाशम जिले के कोठापतनम के एक मछुआरे कृष्णम्मा ने ‘पीटीआई-भाषा’ से दर्द साझा करते हुए कहा, ‘‘पिछले 14 वर्षों में हमने इतना खतरनाक चक्रवात कभी नहीं देखा।
सरकार ने हमारी काफी मदद की और गांव के करीब 400 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम ने भी हमें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में पूरी ताकत झोंक दी।’’
उन्होंने आगे कहा कि अब उन्हें यह देखने जाना होगा कि उनकी नावों की क्या स्थिति बची है। वहीं, एक अन्य स्थानीय निवासी मंगम्मा ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि पिछले चक्रवात के दौरान उनका आशियाना पूरी तरह तबाह हो गया था, लेकिन इस बार सरकार ने समझदारी दिखाते हुए तूफान के तट से टकराने से पहले ही उन्हें सुरक्षित निकाल लिया था।
उन्होंने कहा, ‘‘पिछले चक्रवात में मैंने अपना घर खो दिया था और मेरा परिवार सड़क पर आ गया था। इस बार सरकार ने चक्रवात के तट से टकराने से पहले ही हमें सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया। हालांकि, मेरी तीन नौकाओं में से एक पूरी तरह नष्ट हो गई है।
मछली पकड़ना ही हमारी आजीविका का एकमात्र साधन है।’’
चक्रवात के तांडव से हजारों पेड़ उखड़ गए और बिजली के सैकड़ों खंभे धराशायी हो गए, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया और कई इलाके पानी में डूब गए। भारी बारिश और अंधड़ के कारण सड़कों पर विजिबिलिटी इतनी कम हो गई कि दूर तक देख पाना नामुमकिन हो गया। नतीजतन, राष्ट्रीय राजमार्गों पर वाहन फंस गए और चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
खराब मौसम की वजह से यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ और कई जगहों पर यात्री फंसे रहे। मौसम विभाग के अनुसार, गंभीर चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ मंगलवार तड़के सुबह साढ़े तीन बजे से साढ़े पांच बजे के बीच ओंगोल के पास नेल्लोर और नरसापुर के बीच दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट को पार कर गया। इस दौरान हवाएं 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तांडव मचा रही थीं।
मौसम विभाग ने यह भी जानकारी दी है कि चक्रवात के मंगलवार दोपहर तक धीरे-धीरे कमजोर होकर एक सामान्य चक्रवाती तूफान में बदलने और आधी रात तक इसके गहरे अवदाब (डिप्रेशन) के क्षेत्र में तब्दील होने की पूरी संभावना है। इसके साथ ही, मंगलवार को तटीय आंध्र प्रदेश के अधिकांश इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है, जबकि कुछ स्थानों पर भारी से अत्यधिक भारी बारिश और छिटपुट जगहों पर बहुत भारी बारिश का दौर जारी रहने के आसार हैं।
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