दार्जिलिंग में आफत: भारी बारिश ने मचाई तबाही, 7 की मौत, सिलीगुड़ी-मिरिक मार्ग बाधित
पश्चिम बंगाल का दार्जिलिंग जिला रविवार को आसमानी आफत का गवाह बना। मूसलाधार बारिश ने यहां भूस्खलन और बाढ़ जैसी भयावह स्थिति पैदा कर दी, जिसके चलते कम से कम सात लोगों की जान चली गई। तबाही का आलम ऐसा है कि प्रकृति के प्रकोप ने न केवल जिंदगियों को छीन लिया, बल्कि जनजीवन को भी अस्त-व्यस्त कर दिया है।
भयानक मंजर: पुल ढहने से ठप हुआ यातायात
बारिश की मार इतनी भीषण थी कि दुधिया लोहे के पुल का एक हिस्सा पूरी तरह ढह गया। यह पुल सिलीगुड़ी और मिरिक को जोड़ने वाली जीवन रेखा थी। पुल के ढहने से सिलीगुड़ी-दार्जिलिंग एसएच-12 सड़क पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है, जिससे दोनों शहरों के बीच संपर्क टूट गया है।
जागरूकता और संवेदना: भाजपा नेता का दुख और आश्वासन
इस विनाशकारी घटना पर दार्जिलिंग के सांसद और भाजपा नेता राजू बिष्ट ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि दार्जिलिंग और कलिम्पोंग जिलों के विभिन्न हिस्सों में हुई भारी तबाही से वे बेहद आहत हैं। बिष्ट ने मौतों, संपत्ति के नुकसान और बुनियादी ढांचे को हुई क्षति पर चिंता जताई। उन्होंने यह भी बताया कि वे स्थिति का जायजा ले रहे हैं
आने वाले खतरे का संकेत: मौसम विभाग का अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग ने क्षेत्र के लिए गंभीर मौसम चेतावनी जारी की है। अलीपुरद्वार के लिए रेड अलर्ट घोषित किया गया है, जबकि कूचबिहार, दार्जिलिंग, कलिम्पोंग और जलपाईगुड़ी जिलों में भारी बारिश की ऑरेंज अलर्ट जारी है। इससे पहले, शनिवार को भी उप-हिमालयी जिले के साथ-साथ कलिम्पोंग, कूचबिहार, जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया था, जो आने वाले समय में और अधिक बारिश की आशंका जताता है।
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