दिल्ली की हवा फिर हुई ‘बहुत खराब’, सांस लेना हुआ मुश्किल
नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की हवा की गुणवत्ता में एक बार फिर चिंताजनक गिरावट आई है। कई दिनों तक उतार-चढ़ाव के बाद, बृहस्पतिवार शाम को वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुँच गई, जिससे सुबह मिली थोड़ी राहत पर पानी फिर गया।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 304 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है।
सुबह की राहत, दोपहर का कहर
सीपीसीबी के आंकड़ों के अनुसार, सुबह के समय शहर की वायु गुणवत्ता में मामूली सुधार देखा गया था, तब एक्यूआई 299 था। हालांकि, यह राहत ज्यादा देर टिक नहीं सकी और दोपहर बाद वायु गुणवत्ता का स्तर फिर से ‘बहुत खराब’ श्रेणी में जा पहुंचा।
40 में से 27 जगहों पर ‘बहुत खराब’ हवा
सीपीसीबी के ‘समीर’ ऐप के आंकड़ों के मुताबिक, राजधानी के 40 निगरानी केंद्रों में से 27 पर पूरे दिन वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में रही। सबसे खराब स्थिति नेहरू नगर में देखी गई, जहाँ एक्यूआई का स्तर 362 तक पहुँच गया।
वायु गुणवत्ता का पैमाना
सीपीसीबी के अनुसार, वायु गुणवत्ता सूचकांक को इस प्रकार वर्गीकृत किया गया है:
- 0-50: अच्छा
- 51-100: संतोषजनक
- 101-200: मध्यम
- 201-300: खराब
- 301-400: बहुत खराब
- 401-500: गंभीर
आगे भी राहत की उम्मीद कम
वायु गुणवत्ता प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक शहर की वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में ही बने रहने का अनुमान है।
परिवहन बना प्रदूषण का सबसे बड़ा स्थानीय स्रोत
दिल्ली की वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए निर्णय समर्थन प्रणाली के अनुसार, बृहस्पतिवार को राजधानी के प्रदूषण में 13.7 प्रतिशत योगदान परिवहन क्षेत्र का रहा, जो स्थानीय स्रोतों में सबसे अधिक है। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के पड़ोसी इलाकों से भी प्रदूषण में योगदान दर्ज किया गया, जिसमें हरियाणा के झज्जर से 11.8 प्रतिशत, रोहतक से 4.3 प्रतिशत, सोनीपत से 3.4 प्रतिशत और गुरुग्राम से 1.2 प्रतिशत का योगदान शामिल है।
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