दिवाली का ‘अनोखा’ तोहफा: आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर बोनस के बदले ‘फ्री राइड’!
दिवाली के मौके पर जहाँ लोग खुशियाँ मना रहे थे, वहीं आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर एक अभूतपूर्व नज़ारा देखने को मिला। फतेहाबाद टोल प्लाजा पर कर्मचारियों के दिवाली बोनस न मिलने से नाराज़ होने के बाद, उन्होंने एक ऐसा कदम उठाया जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। रविवार को, उन्होंने टोल बैरियर ही हटा दिए, और हज़ारों गाड़ियाँ बिना कोई शुल्क चुकाए एक्सप्रेसवे पर सरपट दौड़ गईं।
लाखों का चूना, और ‘फ्री’ का सफर!
घटनास्थल से आई तस्वीरें चीख-चीख कर कह रही थीं कि वाहनों का ‘फ्री’ काफिला बिना किसी रोक-टोक के टोल बूथ पार कर रहा था। इस अप्रत्याशित घटना से केंद्र सरकार को लाखों रुपये के राजस्व का भारी नुकसान होने का अंदेशा है। यह आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, जो उत्तर प्रदेश की जीवनरेखा है और यमुना एक्सप्रेसवे के माध्यम से दिल्ली-एनसीआर को जोड़ता है, ऐसे ‘फ्री’ सफर के लिए चर्चा में आ गया।
‘मेहनत हमारी, बोनस कहीं और का!’
हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों की पीड़ा दर्दनाक थी। एक कर्मचारी ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा, “एक साल से जान तोड़कर काम कर रहे हैं, पर इस दिवाली हमें कोई बोनस नहीं मिला। सैलरी भी वक्त पर नहीं मिलती, और अब कंपनी कह रही है कि हमें बदला जाएगा, पर बोनस नहीं मिलेगा।” ये कर्मचारी श्रीसाई और दातार कंपनियों के लिए काम करते हैं, और उन्हें पिछले हफ्ते दिवाली पर बोनस मिलने का पक्का यकीन दिलाया गया था, जो एक मज़ाक बनकर रह गया।
10 घंटे का ‘फ्रीडम’ और फिर ‘नॉर्मल’
गुस्से से लाल कर्मचारियों ने रविवार रात को टोल बैरियर खोलकर वहीं डेरा जमा लिया। यह ‘फ्रीडम’ का दौर करीब 10 घंटे तक चला। अंततः, अधिकारियों के हस्तक्षेप और बोनस देने के आश्वासन के बाद ही यह अनोखा प्रदर्शन समाप्त हुआ और टोल प्लाजा पर फिर से वसूली शुरू हो पाई।
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