PM किसान सम्मान निधि की अगली किस्त से पहले ई-केवाईसी जरूरी, सारण में 4.53 लाख किसानों का सत्यापन लंबित

By
PEEYUSH UPADHYAY
पीयुष उपाध्याय एक अनुभवी समाचार संपादक हैं, जो Aware Media Network के लिए देश-दुनिया की प्रमुख खबरों, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग सुनिश्चित करते हैं। उनका अनुभव...
- Editor
4 Min Read

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की अगली 2,000 रुपये की किस्त का लाभ लेने वाले किसानों के लिए ई-केवाईसी पूरा करना जरूरी है। सारण जिले में 5.18 लाख से अधिक किसान योजना से जुड़े हैं, लेकिन 4.53 लाख किसानों का ई-केवाईसी अभी लंबित है।

सारण में लाखों किसानों का ई-केवाईसी बाकी

सारण जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत कुल 5,18,559 किसान पंजीकृत हैं। जिला कृषि विभाग के अनुसार इनमें से अभी तक सिर्फ 64,973 किसानों का ई-केवाईसी पूरा हुआ है, जबकि 4,53,588 किसानों का सत्यापन लंबित है।

जिला कृषि पदाधिकारी मधुरेन्द्र कुमार सिंह ने किसानों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कर लें। समय पर सत्यापन नहीं होने पर आगामी किस्त के भुगतान में परेशानी आ सकती है।

2,000 रुपये की किस्त के लिए जरूरी प्रक्रिया

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसानों को निर्धारित किस्त के रूप में आर्थिक सहायता दी जाती है। विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि किस्त से संबंधित किसी तरह की परेशानी से बचने के लिए वे अपना ई-केवाईसी समय रहते पूरा करा लें।

ई-केवाईसी पूरा नहीं होने की स्थिति में भुगतान प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इसलिए लंबित किसानों को विभाग की ओर से जल्द प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया है।

मोबाइल से घर बैठे कर सकते हैं ई-केवाईसी

किसान अपने मोबाइल फोन के जरिए OTP की मदद से खुद ई-केवाईसी पूरा कर सकते हैं। इसके अलावा नजदीकी वसुधा केंद्र, पंचायत के किसान सलाहकार या कृषि समन्वयक से संपर्क करके भी ई-केवाईसी कराया जा सकता है।

विभाग की ओर से VNO एप के माध्यम से भी ई-केवाईसी की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे प्रक्रिया पूरी करने में देरी न करें।

दरियापुर में सबसे ज्यादा ई-केवाईसी लंबित

प्रखंडवार आंकड़ों में दरियापुर सबसे ऊपर है। यहां 58,385 किसानों का ई-केवाईसी अभी लंबित है। इसके बाद बनियापुर में 48,614 और गड़खा में 41,568 किसानों का सत्यापन बाकी है।

वहीं अपेक्षाकृत कम लंबित मामलों वाले प्रखंडों में दिघवारा में 6,439 और रिविलगंज में 5,258 किसान शामिल हैं।

सारण के सभी प्रखंडों का आंकड़ा

प्रखंडकुल किसानई-केवाईसी पूर्णलंबित
अमनौर25,9972,08223,915
बनियापुर51,7453,13148,614
छपरा21,4671,37820,089
दरियापुर62,5504,16558,385
दिघवारा7,0335946,439
एकमा18,5552,46716,088
गड़खा50,5158,94741,568
इसुआपुर33,9796,85027,129
जलालपुर11,33092110,409
लहलादपुर12,1622,2139,949
मकेर18,6562,70015,956
मांझी25,4232,95222,471
मढ़ौरा38,7234,90433,819
मशरक33,6516,04727,605
नगरा12,8491,54511,304
पानापुर29,3056,25623,049
परसा27,3493,52123,828
रिविलगंज5,5663085,258
सोनपुर17,5461,74715,799
तरैया14,1582,24511,914
कुल सारण5,18,55964,9734,53,588

किसानों के लिए विभाग की सलाह

जिला कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी ई-केवाईसी स्थिति जल्द जांचें और अगर सत्यापन लंबित है तो प्रक्रिया पूरी कराएं। विभाग का कहना है कि समय रहते ई-केवाईसी पूरा करने से अगली किस्त के भुगतान में संभावित परेशानी से बचा जा सकता है।

सारण में बड़ी संख्या में किसानों का सत्यापन अभी बाकी है। ऐसे में किसानों के लिए जरूरी है कि वे अंतिम समय का इंतजार न करें और उपलब्ध माध्यमों से जल्द ई-केवाईसी पूरा करा लें।


Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Share This Article
Follow:
पीयुष उपाध्याय एक अनुभवी समाचार संपादक हैं, जो Aware Media Network के लिए देश-दुनिया की प्रमुख खबरों, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग सुनिश्चित करते हैं। उनका अनुभव पत्रकारिता में 7+ वर्षों का है और वे निष्पक्ष, भरोसेमंद और समय पर समाचार प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कई पुरस्कार और मान्यता प्राप्त की है, जिनमें 2022 में “Best Investigative Journalist” और 2021 में “Top 10 Editors in Uttarakhand” शामिल हैं।
कोई टिप्पणी नहीं

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Exit mobile version