केरल के दिग्गजों पर ईडी का शिकंजा: मसाला बॉन्ड मामले में 466 करोड़ का फेमा नोटिस
केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन, पूर्व वित्त मंत्री थॉमस इसाक और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव के. एम. अब्राहम को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक बड़े खुलासे के तहत 466 करोड़ रुपये के फेमा कारण बताओ नोटिस थमाया है। यह मामला केरल इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट फंड बोर्ड (केआईआईएफबी) द्वारा जारी किए गए मसाला बॉन्ड से जुड़ा है।
10-12 दिन पहले जारी हुआ नोटिस, व्यक्तिगत पेशी की आवश्यकता नहीं
सूत्रों के अनुसार, ईडी ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत यह नोटिस लगभग 10-12 दिन पहले जारी किया था। राहत की बात यह है कि इस नोटिस में आरोपियों को व्यक्तिगत रूप से पेश होने की आवश्यकता नहीं है।
जांच पूरी होने के बाद नोटिस जारी
फेमा मामले में जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही कारण बताओ नोटिस जारी किया जाता है। यह नोटिस केआईआईएफबी द्वारा 2,000 करोड़ रुपये जुटाने के लिए मसाला बॉन्ड जारी करने और फेमा नियमों के अनुपालन की जांच से संबंधित है।
केआईआईएफबी और मसाला बॉन्ड का महत्व
केआईआईएफबी (केरल इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट फंड बोर्ड) राज्य सरकार की एक महत्वपूर्ण संस्था है, जो बड़ी और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के वित्तपोषण का काम करती है। 2019 में, केआईआईएफबी ने अपनी 50,000 करोड़ रुपये की वित्तपोषण योजना के तहत, अपने पहले मसाला बॉन्ड ‘इश्यू’ के माध्यम से 2,150 करोड़ रुपये जुटाए थे।
क्या हैं मसाला बॉन्ड?
विशेषज्ञों के अनुसार, मसाला बॉन्ड वे बॉन्ड होते हैं जिन्हें भारत के बाहर जारी किया जाता है, लेकिन इन्हें स्थानीय मुद्रा के बजाय भारतीय रुपये में जारी किया जाता है। इस तरह के बॉन्ड विदेशी निवेशकों को भारतीय बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में निवेश करने का अवसर देते हैं।
यह मामला केरल के वित्तीय परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है, जहां बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को वित्तपोषित करने के लिए उठाए गए कदमों पर अब ईडी की पैनी नजर है।
Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
