सरदार पटेल की एकता यात्रा का दूसरा चरण: ‘गंगा प्रवह यात्रा’ को भाजपा अध्यक्ष नड्डा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया
नई दिल्ली। भारत रत्न सरदार वल्लभ भाई पटेल की स्मृति में भाजपा द्वारा आयोजित ‘सरदार @ 150 यूनिटी मार्च’ का पहला चरण सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद, आज एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक के उपरांत, ‘सरदार @ 150 यूनिटी मार्च’ के दूसरे चरण की शुरुआत के तौर पर “गंगा प्रवह यात्रा” को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस अवसर पर, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के साथ केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया, भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल, दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा, ‘सरदार @ 150’ केंद्रीय टोली के सदस्य एवं विधायक सतीश उपाध्याय, राष्ट्रीय मीडिया सहप्रमुख संजय मयूख, दिल्ली भाजपा के ‘सरदार @ 150’ के संयोजक सांसद योगेन्द्र चांदोलिया, सह-संयोजक सांसद बाँसुरी स्वराज एवं सागर त्यागी, तथा प्रवक्ता यासीर जिलानी सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
सरदार पटेल को कांग्रेस द्वारा उपेक्षित करने का आरोप
बैठक में, सुनील बंसल ने ‘सरदार @ 150 यूनिटी मार्च’ की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह मार्च प्रत्येक संसदीय क्षेत्र में आयोजित किया जा रहा है, जहां सांसदों के नेतृत्व में और जहां सांसद नहीं हैं, वहां संगठन के माध्यम से। उन्होंने “गंगा प्रवह यात्रा” के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि यह यात्रा दिल्ली से रवाना होकर अलवर में एकत्र होगी और 8 राज्यों से होकर गुजरेगी।
केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने इस अवसर पर कहा कि कांग्रेस द्वारा सरदार वल्लभ भाई पटेल की उपेक्षा के बावजूद, वे आज भी प्रत्येक भारतीय के हृदय में बसे हुए हैं। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने स्वतंत्रता के समय भारत की 565 रियासतों को एक माला में पिरोकर राष्ट्र का निर्माण किया।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने एक बार फिर कांग्रेस पर सरदार पटेल की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि नेहरू-गांधी परिवार के वर्चस्व के कारण कांग्रेस ने हमेशा सरदार पटेल की अवहेलना की और उन्हें भारत रत्न से सम्मानित करने में अत्यधिक विलंब किया। उन्होंने बताया कि कांग्रेस को सरदार पटेल को भारत रत्न स्वीकार करने में 44 साल लग गए, और यह भी तब हुआ जब 1991 में प्रधानमंत्री का पद नेहरू-गांधी परिवार से बाहर चला गया।
नड्डा ने आगे कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल के कारण ही भारत एक राष्ट्र के रूप में उभरा, और यदि पं. नेहरू ने उनका अनुसरण किया होता तो आज जम्मू-कश्मीर की समस्या भी उत्पन्न नहीं होती। उन्होंने यह भी कहा कि सरदार पटेल को वह सम्मान पहली बार तब मिला जब जनसंघ समर्थित जनता पार्टी सरकार ने 1978 में अहमदाबाद में उनका स्मारक बनवाया, परंतु पूर्ण सम्मान भाजपा की नरेंद्र मोदी सरकार ने दिया है, चाहे वह केवड़िया, गुजरात में सरदार पटेल की विशालकाय प्रतिमा की स्थापना हो या इस वर्ष से उनके जन्मदिवस को राष्ट्रीय स्तर पर मनाने का निर्णय हो।
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