जयपुर. प्रदेश में दवाइयों के सैंपल फेल होने की खबर पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक बार फिर भजनलाल सरकार पर निशाना साधा है. इस संबंध में एक खबर पोस्ट कर गहलोत ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.
इस संबंध में पूर्व सीएम गहलोत ने एक्स के जरिए कहा कि प्रदेश में दवाइयों के सैंपल फेल होने की खबरों ने गहरी चिंता पैदा कर दी है. फंगल इंफेक्शन, हृदय और लीवर जैसी गंभीर बीमारियों की दवाओं का घटिया पाया जाना जन स्वास्थ्य के लिए सीधा खतरा है।
अशोक गहलोत ने कहा कि सबसे हैरान करने वाली बात स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही है. जिन दवाइयों के सैंपल की रिपोर्ट 1 महीने में आ जानी चाहिए उनमें 6-6 महीने की देरी क्यों हो रही है? रिपोर्ट आने तक खराब बैच की दवाएं बाजार में बिक चुकी होती हैं और मरीज उनका सेवन कर चुके होते हैं। इससे कितने मरीजों को स्वास्थ्य लाभ की जगह हानि होगी, कोई नहीं जानता. क्या यह देरी सिस्टम की विफलता है या किसी को बचाने का प्रयास है?
सरकार इस पर कार्रवाई करने के बजाय सो रही है
इस मामले में राज्य की भजनलाल सरकार पर निशाना साधते हुए अशोक गहलोत ने कहा कि हमारी सरकार का संकल्प ‘निरोगी राजस्थान’ था, जिसके तहत हमने दवाओं की गुणवत्ता पर कड़ी निगरानी रखी. आज स्थिति यह है कि लैब की ढिलाई और निगरानी के अभाव के कारण नकली और घटिया दवाओं का कारोबार फल-फूल रहा है। सरकार इस पर कार्रवाई करने के बजाय सो रही है.
PC:aajtak
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