जीएसटी की बड़ी कटौती: टैक्स बचत उत्सव का आगाज, भविष्य में और राहत के संकेत!
लखनऊ: उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले के उद्घाटन के अवसर पर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को एक नया, उत्साहित करने वाला संदेश दिया। उन्होंने हाल ही में वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) में हुई भारी कटौती को केवल एक शुरुआत बताया, और भविष्य में भी कर दरों को कम करने की दिशा में निरंतर प्रयास जारी रखने का आश्वासन दिया। प्रधानमंत्री ने 2014 से लेकर अब तक कर प्रणाली में हुए सकारात्मक परिवर्तनों और विभिन्न मदों में हुई बचत के उदाहरणों के माध्यम से जीएसटी सुधारों की सफलताओं पर प्रकाश डाला।
नवरात्रि का तोहफा: टैक्स में आई बड़ी राहत
22 सितंबर 2025, यानी नवरात्रि के पावन अवसर पर, केंद्र सरकार ने जीएसटी दरों में अभूतपूर्व कटौती की घोषणा की थी। इस कदम ने जहां उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी, वहीं व्यापारियों के चेहरे पर भी मुस्कान लाई। अब प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट कर दिया है कि यह राहत यहीं नहीं रुकेगी। उन्होंने कहा, "आज देश जीएसटी बचत उत्सव मना रहा है। हम यहीं नहीं रुकेंगे। जैसे-जैसे अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, टैक्स का बोझ और कम होता जाएगा।"
2014 से पहले का टैक्स जंजाल: एक कड़वी याद
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में 2014 से पहले की जटिल कर प्रणाली को याद करते हुए कहा कि उस दौर में करों की उलझन इतनी अधिक थी कि न तो व्यवसाय चलाना आसान था और न ही आम नागरिकों के लिए बजट बनाना संभव था। उन्होंने एक उदाहरण देते हुए बताया कि एक हजार रुपये की शर्ट पर पहले 117 रुपये का टैक्स लगता था। 2017 में जीएसटी लागू होने के बाद यह घटकर 50 रुपये रह गया, और अब 22 सितंबर 2025 के सुधार के बाद यह मात्र 35 रुपये हो गया है। इसी प्रकार, टूथपेस्ट, तेल और शैंपू जैसी रोजमर्रा की वस्तुओं पर 2014 में 100 रुपये के खर्च पर 31 रुपये टैक्स लगता था, जो जीएसटी आने के बाद 18 रुपये रह गया, और अब वही सामान 105 रुपये में उपलब्ध है।
"नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी": परिवारों की जेब पर सकारात्मक असर
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि "नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी" के आने के बाद, एक ऐसा परिवार जो पहले सालाना 1 लाख रुपये की खरीदारी पर 25,000 रुपये टैक्स भरता था, अब उसे केवल 5-6 हजार रुपये का टैक्स देना पड़ रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आवश्यक वस्तुओं पर केवल 5% जीएसटी लगने से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों की बचत में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
किसानों और वाहन खरीदारों को सीधी बचत
किसानों और वाहन मालिकों को भी जीएसटी कटौती का सीधा लाभ मिला है। प्रधानमंत्री ने बताया कि 2014 से पहले एक ट्रैक्टर पर 70,000 रुपये का टैक्स लगता था, जो अब घटकर 30,000 रुपये रह गया है, जिससे किसानों को 40,000 रुपये की बचत हो रही है। थ्री-व्हीलर पर टैक्स 55,000 रुपये से घटकर 35,000 रुपये हो गया है। स्कूटर अब 2014 की तुलना में 8,000 रुपये सस्ते हो गए हैं, जबकि मोटरसाइकिल 9,000 रुपये सस्ती हुई हैं।
बढ़ी आमदनी, बढ़ी बचत: सरकार का दावा
प्रधानमंत्री मोदी ने दावा किया कि उनकी सरकार के कार्यकाल में टैक्स छूट और सुधारों की वजह से आम नागरिक की आय और बचत दोनों में वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा, "कांग्रेस सरकार में टैक्स की लूट होती थी और जनता को बोझ झेलना पड़ता था। हमारी सरकार ने टैक्स और महंगाई कम की है। आज 12 लाख रुपये तक की आमदनी टैक्स फ्री है, जबकि कांग्रेस के समय सिर्फ 2 लाख रुपये तक ही इनकम टैक्स माफ था।" सरकार के अनुसार, इनकम टैक्स और जीएसटी में दी गई छूट से देशवासियों को अब तक लगभग ढाई लाख करोड़ रुपये की बचत हो चुकी है।
विपक्ष पर निशाना: भ्रम फैलाने का आरोप
प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ राजनीतिक दल जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए गलत खबरें फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि हकीकत यह है कि मोदी सरकार ने कर ढांचे को सरल बनाया है, महंगाई पर अंकुश लगाया है और जनता की जेब में बचत बढ़ाई है।
जीएसटी सुधारों का सफर जारी रहेगा
प्रधानमंत्री ने 2017 में जीएसटी लागू किए जाने को भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताया और कहा कि 2025 में इसे और मजबूत बनाने का कार्य चल रहा है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि आने वाले समय में जीएसटी सुधारों का यह सिलसिला निरंतर जारी रहेगा और देश की आर्थिक शक्ति बढ़ने के साथ-साथ करों का बोझ भी और कम होता जाएगा।
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