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गुवाहाटी में PM मोदी का रोड शो, सीएम सरमा के साथ उमड़ा जनसैलाब, ‘बागुरुम्बा’ के भव्य आयोजन से पहले बोड़ो संस्कृति का हुआ भव्य प्रदर्शन
शनिवार को गुवाहाटी के सरुसजाई स्टेडियम में भारतीय राजनीति के शीर्ष नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक भव्य उपस्थिति देखने को मिली, जहां उन्होंने एक विशाल रोड शो का नेतृत्व किया। यह रोड शो बोडो संस्कृति के प्रतीक ‘बागुरुम्बा द्वौ 2026’ जैसे विशाल सांस्कृतिक उत्सव में शामिल होने से पहले आयोजित किया गया, जिसने पूरे इलाके में उत्साह की लहर दौड़ा दी। इस भव्य रोड शो के दौरान असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा भी प्रधानमंत्री के साथ कदम से कदम मिलाकर चलते दिखे। यहां हजारों की संख्या में समर्थक मौजूद थे, जिन्होंने गगनभेदी नारों और जोशीले स्वागत से पीएम मोदी का अभिवादन किया। इससे पहले, दिन की शुरुआत में गुवाहाटी के लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन पर मुख्यमंत्री सरमा ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
विकास के मार्ग का निर्णायक कदम
असम के मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस ऐतिहासिक यात्रा को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट किया कि "वह क्षण आ गया है।" मुख्यमंत्री डॉ. हिमंता बिस्वा सरमा ने असम यात्रा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हार्दिक स्वागत किया। असम के विकास संवाद को आगे बढ़ाते हुए, इस यात्रा को राज्य के विकास पथ में एक निर्णायक कदम बताया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा, "गुवाहाटी हवाई अड्डे पर माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का स्वागत करते हुए मुझे अत्यंत प्रसन्नता हुई।" प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 से 18 जनवरी तक दो दिवसीय असम दौरे पर हैं। इस दौरान उनका एजेंडा स्पष्ट है—एक ओर जहां गुवाहाटी के सरुसजाई स्टेडियम में बोड़ो विरासत के जश्न में शामिल होना, तो वहीं काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर और उन्नत रेल संपर्क जैसी बड़ी अवसंरचना परियोजनाओं का उद्घाटन करना भी है।
10,000 कलाकारों का ‘बागुरुम्बा’ महाकुंभ
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, प्रधानमंत्री 18 जनवरी को गुवाहाटी में बोडो समुदाय की परंपराओं को प्रदर्शित करने वाले एक विशाल सांस्कृतिक कार्यक्रम "बागुरुम्बा द्वौ 2026" में मुख्य अतिथि होंगे। इस भव्य आयोजन का विशेष आकर्षण 10,000 से अधिक कलाकारों द्वारा एक साथ प्रस्तुत किया जाने वाला बागुरुम्बा नृत्य होगा। इस महानृत्य में असम के 23 जिलों के 81 विधानसभा क्षेत्रों के कलाकार एक मंच पर नजर आएंगे, जो क्षेत्रीय एकता और विविधता का अद्भुत संगम होगा।
बागुरुम्बा: प्रकृति, जीवन और सद्भाव का प्रतीक
बागुरुम्बा बोडो समुदाय का एक पारंपरिक लोक नृत्य है, जो गहरे रूप से प्रकृति से प्रेरित है। यह नृत्य खिलते फूलों तथा मानव जीवन और प्राकृतिक जगत के बीच अटूट सामंजस्य का प्रतीक है। परंपरागत रूप से, यह नृत्य मुख्य रूप से युवा महिलाओं द्वारा प्रस्तुत किया जाता है, जबकि पुरुष संगीतकारों की भूमिका निभाते हैं। इसमें कलाकार तितलियों, पक्षियों, पत्तियों और फूलों की कोमल हरकतों की नकल करते हुए प्रवाहमय और कोमल मुद्राओं के माध्यम से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देते हैं। इसका सांस्कृतिक महत्व बेहद गहरा है; यह शांति, उर्वरता, आनंद और सामूहिक सद्भाव का प्रतीक है। यह पारंपरिक नृत्य बोड़ो नव वर्ष ‘ब्विसागु’ और ‘डोमासी’ जैसे प्रमुख त्योहारों से भी घनिष्ठ रूप से जुड़ा हुआ है।
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