जयपुर. राजस्थान समेत कई राज्यों में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों को लेकर अब आरएलपी सांसद हनुमान बेनीवाल ने बड़ी बात कही है. बेनीवाल द्वारा लोकसभा में स्मार्ट मीटर से जुड़े सवाल का मंत्री मनोहर लाल ने सदन में जवाब दिया.
इस संबंध में नागौर सांसद हनुमान ने एक्सके मधसम से कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि राजस्थान सहित कई राज्यों में जबरन स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं और मंत्री कह रहे हैं कि उन्हें कोई जानकारी नहीं है. स्मार्ट मीटर योजना बिजली क्षेत्र के “छिपे हुए निजीकरण” की दिशा में एक बड़ा कदम है जो उपभोक्ताओं के अधिकारों पर सीधा हमला है। आज राजस्थान सहित कई राज्यों में स्मार्ट मीटर के खिलाफ भारी जनाक्रोश है।
बेनीवाल ने कहा कि मंत्री ने अपने जवाब में स्वीकार किया कि विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 47(5) के तहत उपभोक्ताओं के अनुरोध पर प्री-पेमेंट मीटर उपलब्ध कराया जाएगा, इसके बावजूद स्मार्ट मीटर लगाने का ठेका लेने वाली कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए अधिकारियों की मिलीभगत से जबरन प्रीपेड स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं पर थोपा जा रहा है. मैंने मंत्री जी से यह भी पूछा कि किन राज्यों में प्रीपेड मीटर लगने से गलत बिलिंग, अचानक कनेक्शन कटने जैसी उपभोक्ताओं की शिकायतें बढ़ी हैं और क्या केंद्र सरकार के पास स्मार्ट मीटर की पूरी प्रक्रिया में कोई स्वतंत्र निगरानी तंत्र है, जिससे भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को रोका जा सके? लेकिन सरकार के पास इसका भी कोई स्पष्ट जवाब नहीं था.
पीसी:एक्स
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