दिशा सालियान की मौत के मामले में CBI की नई जांच शुरू होने के बाद सुशांत सिंह राजपूत की मौत का मुद्दा भी फिर चर्चा में है। बिहार BJP नेता नीरज सिंह बबलू ने दावा किया कि दोनों घटनाओं के बीच संबंध है और जांच से कई सवालों के जवाब सामने आ सकते हैं।
CBI जांच शुरू होने के बाद फिर चर्चा में मामला
दिशा सालियान की मौत का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देश के बाद CBI ने मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हाई कोर्ट ने 2 सितंबर को CBI को जांच का आदेश देते हुए कहा था कि जांच के दौरान पर्याप्त आधार मिलने तक किसी व्यक्ति को आरोपी नहीं माना जाए।
CBI ने दिशा के पिता सतीश सालियान का बयान भी दर्ज किया है। इसके बाद दर्ज FIR में उनकी ओर से लगाए गए आरोपों और मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच की जा रही है।
नीरज बबलू ने सुशांत की मौत पर क्या कहा?
इसी घटनाक्रम के बीच बिहार BJP नेता और पूर्व मंत्री नीरज सिंह बबलू ने दावा किया कि सुशांत सिंह राजपूत की हत्या की गई थी। उन्होंने दिशा सालियान की मौत को भी उसी घटनाक्रम से जुड़ा बताया।
बबलू के मुताबिक, सुशांत की मौत के समय उन्होंने मुंबई जाकर मामले को समझने की कोशिश की थी और तभी से वह हत्या की आशंका जताते रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय मामले से जुड़े कई तथ्यों को दबाया गया।
हालांकि, यह नीरज बबलू का दावा है। उपलब्ध आधिकारिक जांच के आधार पर इसे स्थापित तथ्य के रूप में नहीं कहा जा सकता।
दिशा की मौत और सुशांत के बीच क्या संबंध है?
दिशा सालियान की मौत 8 जून 2020 को मुंबई में एक इमारत से गिरने के बाद हुई थी। इसके कुछ दिन बाद 14 जून को सुशांत सिंह राजपूत की मौत हुई थी। इसी समयांतराल के कारण दोनों मामलों को लेकर लंबे समय से सार्वजनिक चर्चा होती रही है।
दिशा की मौत की शुरुआती जांच में पुलिस ने इसे आत्महत्या माना था। महाराष्ट्र सरकार की SIT ने भी 2025 में अपनी जांच में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं मिलने की बात कही थी। हालांकि, दिशा के पिता ने बाद में हाई कोर्ट का रुख करते हुए जांच पर सवाल उठाए, जिसके बाद हाई कोर्ट ने CBI जांच का आदेश दिया।
हाई कोर्ट ने जांच में क्या कहा?
बॉम्बे हाई कोर्ट ने पुराने जांच रिकॉर्ड में कुछ विसंगतियों और जांच प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए थे। कोर्ट ने CBI को मामले के सभी पहलुओं की जांच करने का निर्देश दिया।
साथ ही कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति को केवल आरोप या नाम सामने आने के आधार पर आरोपी नहीं माना जाना चाहिए, जब तक जांच में अपराध के पर्याप्त आधार सामने न आएं।
CBI FIR में कई नामों का जिक्र
ताजा रिपोर्टों के मुताबिक CBI की FIR में कई लोगों के नाम या उनकी भूमिकाओं की जांच का उल्लेख है। इनमें आदित्य ठाकरे, रिया चक्रवर्ती, सूरज पंचोली, डिनो मोरिया और अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं। लेकिन किसी व्यक्ति का FIR में नाम या भूमिका जांच के दायरे में होना अपने आप में उसे आरोपी या दोषी साबित नहीं करता।
यही वजह है कि जांच के नतीजे आने तक आरोपों और स्थापित तथ्यों के बीच फर्क बनाए रखना जरूरी है।
अब सुशांत मामले पर भी उठे सवाल
नीरज सिंह बबलू ने उम्मीद जताई कि दिशा सालियान मामले की जांच आगे बढ़ने के बाद सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जुड़े सवालों पर भी स्थिति स्पष्ट हो सकती है। उन्होंने कहा कि जांच से यह सामने आना चाहिए कि घटनाओं के पीछे क्या हुआ और कौन लोग जिम्मेदार थे।
हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार CBI ने मार्च 2025 में सुशांत सिंह राजपूत की मौत की अपनी जांच बंद करते हुए किसी तरह की साजिश या आपराधिक साजिश के सबूत नहीं पाए थे।
अब दिशा सालियान मामले में CBI की नई जांच से जुड़े निष्कर्ष पर सबकी नजर है। इस जांच का असली महत्व इसी में होगा कि लंबे समय से उठ रहे सवालों का जवाब सबूतों और जांच के आधार पर मिलता है या नहीं।
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