भारत AI में विश्व के शीर्ष 5 में: सिंधिया का मोदी विजन को सलाम!

By
Aware Media Network
Aware Media Network एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरें, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी...
- News Desk
6 Min Read
Jyotiraditya Scindia का बड़ा बयान, AI में दुनिया के शीर्ष 5 देशों में होगा भारत, मोदी के विजन का कमाल!

कौटिल्य आर्थिक सम्मेलन: भारत का ‘नया सवेरा’ – दूरदर्शिता, नवाचार और वैश्विक नेतृत्व की ओर

नई दिल्ली में आयोजित चौथे कौटिल्य आर्थिक सम्मेलन में, केंद्रीय संचार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री, श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने ‘Emerging Technologies’ पर अपने सारगर्भित विचार साझा किए। ‘Seeking Prosperity in Turbulent Times’ की प्रेरक थीम के साथ, श्री सिंधिया ने इस बात पर जोर दिया कि कैसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और अटूट संकल्प ने भारत को वैश्विक चुनौतियों को सुनहरे अवसरों में तब्दील करने में मदद की है।

सेमीकंडक्टर क्रांति: आत्मनिर्भरता का नया अध्याय

कोविड-19 महामारी के कड़वे अनुभव, जिसने पूरी दुनिया को एक नन्ही सी माइक्रोचिप की निर्भरता का एहसास कराया, को श्री सिंधिया ने भारत के लिए एक अभूतपूर्व अवसर में बदलने का श्रेय दिया। इसी पृष्ठभूमि में, ₹76,000 करोड़ के ‘भारत सेमीकंडक्टर मिशन’ ने जन्म लिया। यह महत्वाकांक्षी मिशन न केवल विभिन्न राज्यों में अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन यूनिट्स की स्थापना कर रहा है, बल्कि 85,000 युवाओं को भविष्य की मांग के अनुरूप प्रशिक्षित भी कर रहा है। अब तक ₹1.6 लाख करोड़ से अधिक का निवेश इस क्षेत्र में आ चुका है, जो भारत को एक आत्मनिर्भर और भविष्य के लिए तैयार आर्थिक महाशक्ति बनाने की ओर अग्रसर है।

आर्थिक सुदृढ़ता और विश्व मंच पर भारत का उदय

आज की अस्थिर वैश्विक परिदृश्य, जो संघर्षों, संरक्षणवाद, जलवायु संकट और मुद्रास्फीति जैसी गंभीर चुनौतियों से घिरा है, के बावजूद भारत ने 7.8% की प्रभावशाली जीडीपी वृद्धि हासिल की है। श्री सिंधिया ने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत अब ‘ग्लोबल साउथ’ की आवाज के रूप में न्याय और समानता का केंद्र बिंदु बन गया है। उन्होंने आत्मविश्वास से कहा, "भारत केवल निवेश का गंतव्य नहीं है, यह विश्व के लिए दिशा, एक दृष्टि और मिशन है जो समृद्धि का मार्ग दिखाता है।"

संचार क्षेत्र: विकास और समावेशन का ज्वलंत उदाहरण

भारत के संचार क्षेत्र ने पिछले दशक में एक अभूतपूर्व छलांग लगाई है। 1.22 अरब टेलीफोन ग्राहकों और 94.4 करोड़ ब्रॉडबैंड उपयोगकर्ताओं की विशाल संख्या, पिछले दस वर्षों में पंद्रह गुना वृद्धि का प्रमाण है। दुनिया का सबसे तेज 5G रोलआउट, जिसने मात्र 22 महीनों में 99.8% जिलों को जोड़ा है, भारत की तकनीकी शक्ति का परिचायक है। UPI जैसे डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, सालाना 260 अरब से अधिक लेनदेन के साथ, वैश्विक डिजिटल लेनदेन का 46% हिस्सा समेटे हुए है। श्री सिंधिया ने गर्व से कहा कि भारत ने समावेशन और सशक्तिकरण के माध्यम से नवाचार का वैश्विक केंद्र बनने का गौरव प्राप्त किया है।

बीएसएनएल और स्वदेशी 4G स्टैक: ‘आत्मनिर्भर भारत’ की जीता-जागता प्रतीक

प्रधानमंत्री मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के स्वप्न को साकार करते हुए, श्री सिंधिया ने हाल ही में ओडिशा के झारसुगुड़ा में भारत के पहले पूर्णतः स्वदेशी 4G स्टैक के सफल लॉन्च का उल्लेख किया। सी-डॉट, टेजस नेटवर्क्स और टीसीएस के सहयोग से विकसित यह स्टैक, कश्मीर से कन्याकुमारी और भरूच से अरुणाचल तक, 92,564 टावरों के माध्यम से देश के कोने-कोने में स्वदेशी तकनीक की पहुँच सुनिश्चित कर रहा है। भारत अब उन चुनिंदा पांच देशों में शामिल हो गया है, जो पूरी तरह से स्वदेशी टेलीकॉम इकोसिस्टम विकसित करने में सक्षम हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 17 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद, बीएसएनएल लाभ में लौट आया है, और उसका ग्राहक आधार 78 लाख से बढ़कर 2.2 करोड़ तक पहुँच गया है। यह प्रगति न केवल आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि सभी टावरों को 5G में अपग्रेड करने की क्षमता भी प्रदान करती है।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI): भारत की स्वदेशी नवाचार क्रांति का भविष्य

श्री सिंधिया ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) को भविष्य की संचार क्रांति करार दिया। ‘इंडिया एआई मिशन’ के माध्यम से, भारत कम्प्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, घरेलू AI मॉडल, और स्टार्टअप्स व अनुसंधान संस्थानों को सशक्त बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। निजी क्षेत्र ने ₹20,000 करोड़ मूल्य के 38,000 GPUs स्थापित किए हैं, और कुल निवेश $10 बिलियन से अधिक होने का अनुमान है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि AI को भारतीय भाषाओं और भारतीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित किया जाना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

ज्ञान, नवाचार और धैर्य की विरासत: एक उज्ज्वल भविष्य की ओर

श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने संबोधन के दौरान भारत की उल्लेखनीय उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। फिनटेक, दूरसंचार, अक्षय ऊर्जा, स्टार्टअप और वैज्ञानिक अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में भारत आज विश्व पटल पर अपनी एक विशिष्ट पहचान बना चुका है। मोबाइल डेटा उपभोग में प्रथम, इंटरनेट उपयोगकर्ताओं और मोबाइल फोन निर्माण में द्वितीय, स्टार्टअप्स और वैज्ञानिक प्रतिभा में तृतीय, तथा अक्षय ऊर्जा क्षमता में चतुर्थ स्थान पर भारत की स्थिति, हमारे सामूहिक नवाचार, परिश्रम और नीतिगत स्थिरता का प्रमाण है।

श्री सिंधिया ने पूरे आत्मविश्वास से कहा कि भारत 2027 तक विश्व की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है। यह केवल एक आर्थिक लक्ष्य नहीं, बल्कि बुद्धि और संपदा के समन्वय का प्रतीक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत की प्रगति का मार्ग स्वदेशी नवाचार, आत्मनिर्भर क्षमताओं और ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की भावना से प्रेरित वैश्विक दृष्टिकोण पर आधारित है, जो निश्चित रूप से एक उज्ज्वल भविष्य की ओर ले जाएगा।


Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Share This Article
Follow:
Aware Media Network एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरें, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी संपादकीय टीम विश्वसनीय स्रोतों, आधिकारिक आंकड़ों और पत्रकारिता के नैतिक सिद्धांतों के आधार पर समाचार तैयार करती है। Aware Media Network का उद्देश्य निष्पक्ष, सटीक और समय पर जानकारी प्रदान करना है, ताकि पाठक जागरूक निर्णय ले सकें और समसामयिक घटनाओं को बेहतर ढंग से समझ सकें।
कोई टिप्पणी नहीं

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Exit mobile version