भारत-यूएस ट्रेड डील: खेती और डेयरी पर ‘नो कॉम्प्रोमाइज’, अपने पुराने स्टैंड पर अडिग भारत।

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India us trade deal: खेती और डेयरी पर कोई समझौता नहीं, पुराने रुख पर कायम रहेगा भारत

India-US Trade Deal: अमेरिका के साथ एक ऐतिहासिक व्यापारिक साझेदारी की सुगबुगाहट के बीच, भारत ने एक बार फिर दुनिया को अपना कड़ा संदेश दे दिया है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, नई दिल्ली अपनी दीर्घकालिक सुरक्षा नीति पर अडिग है—यानी कृषि और डेयरी जैसे संवेदनशील सेक्टरों के लिए विदेशी बाजारों के दरवाजे बंद ही रहेंगे। भारत ने साफ कर दिया है कि ‘मार्केट एक्सेस’ की रेस में वह अपने किसानों के हितों की बलि नहीं चढ़ाएगा।

करोड़ों की आजीविका: सुरक्षा से कोई समझौता नहीं

एक वरिष्ठ अधिकारी ने गोपनीयता की शर्त पर खुलासा किया कि व्यापार वार्ता की मेज पर भारत का रुख पहले की तरह ही सख्त बना हुआ है। भारत का मानना है कि खेती और डेयरी महज व्यापारिक आंकड़े नहीं, बल्कि देश के करोड़ों लोगों की जीवनरेखा हैं। यही अटूट रुख हाल ही में ब्रिटेन (UK), न्यूजीलैंड और यूरोपीय संघ (EU) के साथ हुई वार्ताओं में भी दिखा था, जहां भारत ने इन क्षेत्रों को किसी भी तरह की बड़ी रियायत से पूरी तरह बाहर रखा था।

डील की वर्तमान स्थिति: क्या है पर्दे के पीछे?

2 फरवरी को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ‘ट्रुथ सोशल’ पर आए एक धमाके के बाद से दोनों देशों के वार्ताकारों की नींद उड़ी हुई है। ट्रंप ने दावा किया था कि यह डील 2025 के मध्य तक लागू होने वाले ‘पारस्परिक शुल्क’ (Reciprocal Tariffs) के बोझ को काफी कम कर देगी।

  • दस्तावेजी युद्ध: फिलहाल दोनों देशों के एक्सपर्ट्स इस समझौते के कानूनी पेचों और तकनीकी बारीकियों को सुलझाने में जुटे हैं।
  • BTA का रहस्य: अभी यह पहेली बनी हुई है कि क्या यह एक पूर्ण ‘द्विपक्षीय व्यापार समझौता’ (BTA) होगा या सिर्फ पहले चरण (Tranche) की एक सीमित डील। गौर करने वाली बात यह है कि दोनों देशों ने फरवरी 2025 से ही पूर्ण BTA की दिशा में कदम बढ़ाने का मन बनाया था।

तस्वीर साफ है: क्या बदलेगा और क्या नहीं?

श्रेणी संभावित स्थिति
औद्योगिक सामान टैरिफ में भारी कटौती की प्रबल संभावना।
कृषि उत्पाद भारत के कड़े रुख के कारण रियायतें मिलना लगभग नामुमकिन।
डेयरी क्षेत्र किसानों के हितों के चलते बाजार खोलना एक बड़ी चुनौती।
Reciprocal Tariffs 50% से घटकर 18% तक आने की बड़ी उम्मीद।

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