लंदन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का गर्जना: ‘अब भारत के साथ कोई दादागिरी नहीं कर सकता!’
लखनऊ – रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज अपने संसदीय क्षेत्र लखनऊ में एक ऐतिहासिक बयान देते हुए कहा कि आज भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर एक मजबूत आवाज रखता है, और दुनिया ध्यान से सुनती है कि हम क्या कहते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत के साथ अब कोई भी देश दादागिरी करने की हिम्मत नहीं करेगा, और न ही कोई ऐसी गलतफहमी पालेगा।
यह बयान भारत के रक्षा निर्यात में अभूतपूर्व वृद्धि के बीच आया है। रक्षा मंत्री ने शुक्रवार को घोषणा की थी कि भारत का रक्षा निर्यात रिकॉर्ड 25,000 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया है, जो कुछ साल पहले के महज 1,000 करोड़ रुपये से एक जबरदस्त छलांग है।
रक्षा निर्यात में भारत की ऐतिहासिक उड़ान: 25,000 करोड़ का रिकॉर्ड, 2029 तक 50,000 करोड़ छूने का लक्ष्य
सरकार ने 2029 तक घरेलू रक्षा विनिर्माण में 3 लाख करोड़ रुपये और रक्षा निर्यात में 50,000 करोड़ रुपये हासिल करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। RMO इंडिया ने X पर साझा की गई एक पोस्ट में रक्षा मंत्री के हवाले से बताया कि जहां पहले रक्षा निर्यात 1,000 करोड़ रुपये से कम था, वहीं अब यह रिकॉर्ड 25,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
आत्मनिर्भरता का परचम लहराता तेजस: HAL के नासिक परिसर में नई उत्पादन लाइनों का उद्घाटन
इस बीच, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) की सराहना की, जो भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। उन्होंने तेजस एमके 1 ए की पहली उड़ान में भाग लिया और HAL के नासिक परिसर में नई विमान उत्पादन लाइनों का उद्घाटन किया।
अपने संबोधन में, रक्षा मंत्री ने नासिक स्थित संयंत्र का अपना पहला दौरा बताते हुए वहां कार्यरत लोगों के उत्साह की सराहना की। उन्होंने कहा, “मैं यहाँ कार्यरत सभी लोगों के चेहरों पर उत्साह और गर्व देख सकता हूँ। मैं एलसीए एमके1ए और एसयू-30 विमान उड़ाने वाले पायलटों को अपनी शुभकामनाएँ देता हूँ।”
नई उत्पादन लाइनों का उद्घाटन: आत्मनिर्भरता के पथ पर भारत
सिंह ने तेजस एमके1ए के लिए HAL की तीसरी और एचटीटी-40 विमान के लिए दूसरी उत्पादन लाइन का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा, “आज एमके1ए के लिए एचएएल की तीसरी उत्पादन लाइन और एचटीटी-40 विमान के लिए दूसरी उत्पादन लाइन का उद्घाटन है। इस अवसर पर सभी को बधाई।” उन्होंने नासिक की भूमि को आस्था और भक्ति के साथ-साथ आत्मनिर्भरता का प्रतीक भी बताया।
गर्व से चौड़ा हुआ सीना: स्वदेशी विमानों की उड़ान ने दिखाई आत्मनिर्भरता की झलक
रक्षा मंत्री ने आगे कहा, “आज जब मैंने SU-30, Mk1A और HTT-40 की उड़ानें देखीं, तो मेरा सीना गर्व से चौड़ा हो गया। यह आत्मनिर्भरता का एक सच्चा उदाहरण है।”
भारतीय सेना के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का दुनिया ने देखा पराक्रम, राजनाथ बोले- यह आत्मनिर्भरता का सबूत
यह विकास भारतीय सेना के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता के साथ भी जोड़ा जा रहा है, जिसने दुनिया को भारतीय सेना के पराक्रम का अहसास कराया है, जिसे रक्षा मंत्री ने आत्मनिर्भरता का एक और प्रमाण बताया है।
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